वो जो मरकर भी ज़िंदा था

PART 4 – 12 साल पुरानी फाइल

CCTV room की हवा अचानक भारी हो गई थी।

अर्जुन के हाथ में फोन था।

स्क्रीन पर वही फोटो…

जो अभी-अभी किसी ने खींची थी।

इसका मतलब साफ था—

कोई अभी भी यहीं था।

अर्जुन ने धीरे से पूरे कमरे को देखा।

खाली कुर्सियाँ।

बंद दरवाजा।

और…

दीवार पर लगा CCTV कैमरा।

उन्हें अचानक एहसास हुआ—

कोई उन्हें कैमरे से देख रहा है।


“सारे कैमरे check करो। अभी।”

कॉन्स्टेबल ने तुरंत system खोला।

लेकिन…

अगले ही पल उसका चेहरा डर से सफेद हो गया।

“सर…”

“इस कमरे का कैमरा… 10 मिनट पहले बंद हो गया था।”

अर्जुन की आंखें सिकुड़ गईं।

“किसने बंद किया?”

कॉन्स्टेबल ने धीरे से कहा—

“सर… system में लिखा है… manually बंद किया गया है।”


मतलब…

कोई यहां आया था।

और…

वो अभी भी आसपास हो सकता है।


अर्जुन को याद आया एक नाम

अचानक अर्जुन के दिमाग में एक नाम आया।

एक नाम…

जिसे उन्होंने 12 साल पहले दफन कर दिया था।

उन्होंने तुरंत कहा—

“Records room खोलो।”


Records Room – 15 मिनट बाद

यह कमरा सालों से बंद था।

हर तरफ धूल।

पुरानी फाइलें।

भूली हुई कहानियां।

और…

दबे हुए सच।

अर्जुन धीरे-धीरे अंदर गए।

उनका दिल तेजी से धड़क रहा था।

उन्होंने एक फाइल ढूंढनी शुरू की।

नाम—

रिया शर्मा केस

कुछ मिनट बाद…

उन्हें वो फाइल मिल गई।

पुरानी।

धूल से भरी।

लेकिन…

अब भी जिंदा।


अर्जुन ने फाइल खोली।

पहले पेज पर लिखा था—

Case Status: Suicide

लेकिन…

जैसे ही उन्होंने अगला पेज पलटा…

उनकी सांस रुक गई।

क्योंकि वहां एक और नाम लिखा था।

एक suspect का नाम।

जिसे official report से हटा दिया गया था।

नाम था—

विक्रम मल्होत्रा


अर्जुन के हाथ कांपने लगे।

विक्रम…

उनका कॉलेज senior।

और…

रिया का ex-boyfriend।


विक्रम… जो मर चुका था

अर्जुन को सब याद आने लगा।

रिया ने एक बार उनसे कहा था—

“विक्रम मुझे धमकी दे रहा है…”

लेकिन…

कुछ दिन बाद…

खबर आई—

विक्रम की car accident में मौत हो गई।

Case बंद हो गया।

रिया safe थी।

लेकिन…

फिर…

रिया भी मर गई।


अर्जुन ने फाइल में आगे देखा।

एक फोटो था।

विक्रम का।

और उसके नीचे लिखा था—

Status: Deceased

लेकिन…

अर्जुन की आंखें उस फोटो पर टिक गईं।

क्योंकि…

उन्हें कुछ अजीब दिखा।

विक्रम की गर्दन पर…

वही निशान था।

जो राहुल की गर्दन पर था।


अचानक…

अर्जुन के पीछे से एक आवाज आई—

“तुम सच के बहुत करीब आ गए हो, अर्जुन…”

अर्जुन का दिल रुक गया।

उन्होंने धीरे-धीरे पीछे मुड़कर देखा।

कमरा खाली था।

लेकिन…

आवाज साफ थी।

किसी ने…

अभी-अभी…

उनके कान के पास फुसफुसाया था।


अर्जुन ने तुरंत बाहर भागकर देखा।

कॉरिडोर खाली था।

कोई नहीं था।

लेकिन…

फर्श पर एक चीज पड़ी थी।

एक पुरानी फोटो।

अर्जुन ने फोटो उठाई।

और…

उनका खून जम गया।

यह फोटो थी—

रिया, राहुल, और अर्जुन की।

लेकिन…

फोटो में एक चौथा आदमी भी था।

पीछे खड़ा हुआ।

मुस्कुराता हुआ।

विक्रम।


लेकिन…

अर्जुन को याद था—

यह फोटो सिर्फ तीन लोगों की थी।

विक्रम…

उस दिन वहां नहीं था।

तो…

यह फोटो बदली किसने?

और…

क्यों?


फोटो के पीछे कुछ लिखा था।

अर्जुन ने पलटा।

उस पर खून से लिखा था—

“Death was just the beginning.”

(मौत सिर्फ शुरुआत थी)


अचानक अर्जुन का फोन फिर बजा।

Unknown Number.

उन्होंने धीरे से उठाया।

दूसरी तरफ से वही आवाज आई—

“तुमने मुझे 12 साल पहले मारा था, अर्जुन…”

अर्जुन की सांस रुक गई।

“क… कौन?”

कुछ सेकंड खामोशी रही।

फिर…

उसने कहा—

“विक्रम।”

फोन कट गया।


अर्जुन के हाथ कांप रहे थे।

यह impossible था।

क्योंकि…

विक्रम मर चुका था।

लेकिन…

अगर वो सच में मर चुका था…

तो…

वापस कौन आया था?


और उसी समय…

कॉन्स्टेबल भागते हुए आया—

“सर!”

“अभी-अभी news आई है…”

अर्जुन ने पूछा—

“क्या?”

कॉन्स्टेबल ने कांपते हुए कहा—

“सर… किसी ने विक्रम मल्होत्रा के नाम से एक hotel room book किया है…”

“और booking का time है…”

आज रात।

Part 5 में:

  • अर्जुन जाएगा उस hotel room में
  • वहां मिलेगा एक आदमी… जिसका चेहरा विक्रम जैसा होगा
  • और अर्जुन को पता चलेगा… राहुल की मौत accident नहीं थी

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