अंधेरे का खेल (The Game of Darkness)

𝐏𝐀𝐑𝐓 𝟕 — “शैडो का सच”

रेलवे स्टेशन की घड़ी में 2:18 AM हो रहे थे।

प्लेटफॉर्म लगभग खाली था… लेकिन हवा में खतरे की गंध साफ महसूस हो रही थी।

आरव, रिया और आर्यन धीरे-धीरे उस लड़की की तरफ बढ़े।

लड़की ने काला हुडी पहन रखा था।

उसके हाथ में लैपटॉप था… और उसकी उंगलियाँ लगातार कीबोर्ड पर चल रही थीं।


आर्यन ने धीरे से कहा —

“Shadow…”

लड़की ने स्क्रीन से नजर हटाए बिना जवाब दिया —

“तुम लोग उम्मीद से ज्यादा देर से पहुंचे हो।”


आरव ने गुस्से से कहा —

“तुम कौन हो?”

लड़की ने धीरे-धीरे अपना हुडी हटाया।

जैसे ही उसका चेहरा रोशनी में आया…

आरव की आंखें फैल गईं।


रिया के मुंह से भी अचानक निकल गया —

“सिया…?”


वह सच में सिया थी।

सिया वर्मा…

आरव की पुरानी सहकर्मी…

जो तीन साल पहले अचानक गायब हो गई थी।


आरव ने अविश्वास से कहा —

“तुम… Shadow हो?”

सिया हल्का सा मुस्कुराई।

“हाँ।”

“पिछले तीन साल से मैं The Circle के सिस्टम को अंदर से तोड़ने की कोशिश कर रही हूँ।”


आर्यन ने तुरंत पूछा —

“सर्वर कहाँ है?”

सिया ने स्टेशन के फर्श की तरफ इशारा किया।

“यहीं नीचे।”


रिया चौंक गई।

“नीचे?”

सिया ने कहा —

“स्टेशन के नीचे एक अंडरग्राउंड डेटा सेंटर है।”

“The Circle ने पूरे देश के बैंकिंग और पावर ग्रिड को कंट्रोल करने के लिए इसे बनाया है।”


आरव ने तुरंत जेब से पेन-ड्राइव निकाला।

“मेरे पिता ने यह तुम्हें देने को कहा था।”


सिया ने पेन-ड्राइव लिया।

उसने उसे लैपटॉप में लगाया।

कुछ सेकंड बाद उसकी स्क्रीन पर सैकड़ों फाइलें खुलने लगीं।


सिया की आँखें फैल गईं।

“यह तो… पूरा सिस्टम है!”

“अगर यह डेटा सही है… तो हम The Circle को खत्म कर सकते हैं।”


आर्यन ने पूछा —

“लेकिन हमारे पास कितना वक्त है?”

सिया ने घड़ी देखी।

“छह मिनट।”


रिया घबरा गई।

“छह मिनट में क्या होगा?”

सिया ने गंभीर आवाज़ में कहा —

“देश का पूरा डिजिटल सिस्टम बंद हो जाएगा।”

“बैंक, बिजली, इंटरनेट… सब।”


आरव ने कहा —

“तो हमें क्या करना होगा?”

सिया ने स्टेशन के फर्श पर लगे एक पुराने दरवाज़े की तरफ इशारा किया।

“नीचे जाना होगा।”


आर्यन ने दरवाज़ा खोला।

नीचे अंधेरी सीढ़ियाँ थीं।

जैसे किसी गुप्त बंकर का रास्ता हो।


चारों नीचे उतरने लगे।

सीढ़ियाँ खत्म होते ही…

उनके सामने एक विशाल कमरा खुला।


कमरे में सैकड़ों सर्वर मशीनें लगी हुई थीं।

नीली और लाल लाइटें चमक रही थीं।

पूरा सिस्टम लगातार आवाज़ कर रहा था।


सिया ने तेजी से लैपटॉप कनेक्ट किया।

“अगर मैं इन सर्वर को अभी बंद कर दूँ… तो The Circle का पूरा प्लान खत्म हो जाएगा।”


लेकिन तभी…

पीछे से ताली की आवाज़ आई।


टप… टप… टप…


चारों ने पीछे मुड़कर देखा।


सीढ़ियों पर खड़ा आदमी मुस्कुरा रहा था।


वह खुफिया एजेंसी का चीफ था।


उसके पीछे दर्जनों हथियारबंद लोग खड़े थे।


चीफ ने कहा —

“मुझे पता था… तुम लोग यहीं आओगे।”


आरव ने गुस्से से कहा —

“अब खेल खत्म हो चुका है।”


चीफ हंसा।

“तुम अभी भी समझ नहीं पाए…”


फिर उसने धीरे से कहा —

“क्योंकि यह सर्वर… सिर्फ बैकअप है।”


सिया चौंक गई।

“क्या?”


चीफ मुस्कुराया।


“असली सिस्टम… पहले ही एक्टिवेट हो चुका है।”


उसी वक्त…

सिया के लैपटॉप पर एक लाल चेतावनी चमकी।


SYSTEM ACTIVATED

NATIONAL BLACKOUT — 60 SECONDS


रिया की सांस रुक गई।


“एक मिनट…?”


चीफ धीरे-धीरे बोला —


“हाँ…”

“बस एक मिनट में… पूरा देश अंधेरे में डूब जाएगा।”

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