अंधेरे का खेल (The Game of Darkness)

𝐏𝐀𝐑𝐓 𝟓 — “सबसे बड़ा धोखा”

पूरा पार्क एकदम शांत हो गया।

हर किसी की नजर खुफिया एजेंसी के चीफ पर टिक गई थी।

आरव, रिया, आर्यन… यहां तक कि इंस्पेक्टर कबीर भी कुछ पल के लिए स्तब्ध रह गया।

आरव ने धीरे से कहा —

“आप… क्या कह रहे हैं?”

चीफ के चेहरे पर ठंडी मुस्कान थी।

उसने बंदूक और मजबूती से पकड़ ली।

“मैं सच कह रहा हूँ, आरव।”

“The Circle… मेरी ही बनाई हुई एक व्यवस्था है।”


रिया की आवाज़ कांपने लगी।

“लेकिन… क्यों?”

चीफ धीरे-धीरे टहलते हुए बोला —

“क्योंकि दुनिया को कंट्रोल करने के लिए… सिस्टम के बाहर काम करना पड़ता है।”

“सरकारें बदलती रहती हैं…”

“कानून बदलते रहते हैं…”

“लेकिन ताकत… हमेशा उन लोगों के हाथ में रहती है जो पर्दे के पीछे खेल खेलते हैं।”


आरव गुस्से से चिल्लाया —

“तो आप लोगों ने इतने लोगों की जान ले ली… सिर्फ ताकत के लिए?”

चीफ हंसा।

“नहीं…”

“सिर्फ ताकत के लिए नहीं।”

“कंट्रोल के लिए।”


उसी वक्त राजेश मेहरा आगे बढ़े।

उनकी आवाज़ भारी थी।

“बस करो… अब यह खेल खत्म हो चुका है।”

चीफ ने उन्हें घूरा।

“तुम्हारी सबसे बड़ी गलती यही थी, राजेश…”

“तुमने सोचा कि तुम The Circle को छोड़ सकते हो।”


आरव ने अपने पिता की तरफ देखा।

“पापा… सच क्या है?”

राजेश कुछ सेकंड चुप रहे।

फिर बोले —

“हाँ… मैं कभी The Circle का हिस्सा था।”

“लेकिन जब मुझे पता चला कि यह लोग क्या करने वाले हैं…”

“मैंने उन्हें रोकने की कोशिश की।”


आर्यन ने गुस्से से कहा —

“और इसी वजह से आपने हमें भी इस खेल में धकेल दिया?”

राजेश की आँखों में दर्द झलक रहा था।

“मैंने तुम्हें बचाने की कोशिश की थी…”


अचानक…

कबीर सिंह जोर से हंस पड़ा।

“तुम लोग अभी भी नहीं समझे…”

सब उसकी तरफ देखने लगे।

कबीर ने धीरे से कहा —

“यह सब… पहले से तय था।”


आरव ने पूछा —

“क्या मतलब?”

कबीर मुस्कुराया।

“The Circle का असली प्लान… सिर्फ पैसा चुराना नहीं था।”

“यह तो सिर्फ एक ध्यान भटकाने वाली चाल थी।”


रिया की सांस तेज हो गई।

“तो असली प्लान क्या है?”

कबीर ने धीरे से कहा —

“आज रात… देश का पूरा डिजिटल सिस्टम बंद होने वाला है।”

“बैंक, इंटरनेट, बिजली… सब कुछ।”

“पूरा देश अंधेरे में डूब जाएगा।”


आरव की आंखें फैल गईं।

“लेकिन क्यों?”

कबीर ने कहा —

“क्योंकि Chaos… सबसे बड़ा हथियार है।”


उसी वक्त…

पार्क के ऊपर आसमान में अचानक एक हेलीकॉप्टर की आवाज़ गूंजने लगी।

सबने ऊपर देखा।

हेलीकॉप्टर धीरे-धीरे नीचे उतर रहा था।

उस पर एक अजीब सा चिन्ह बना था —

एक काला गोला।

The Circle का चिन्ह।


चीफ मुस्कुराया।

“देखो… असली खेल अब शुरू होने वाला है।”

और उसने अपनी घड़ी देखी।

“बस 10 मिनट बाकी हैं…”


लेकिन तभी…

आरव के फोन पर अचानक एक मैसेज आया।

स्क्रीन पर सिर्फ एक लाइन लिखी थी —

“अगर देश को बचाना चाहते हो… तो तुरंत रेलवे स्टेशन आओ।”


मैसेज के नीचे एक नाम लिखा था…

“S”

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