
𝐏𝐀𝐑𝐓 𝟒 — “छाया का मास्टरमाइंड”
पार्क में पुलिस सायरन की आवाज़ गूंज रही थी।
चारों तरफ लाल-नीली लाइटें चमक रही थीं।
आरव अभी भी स्तब्ध खड़ा था।
उसके सामने उसका भाई… आर्यन… एक सीक्रेट एजेंट बनकर खड़ा था।
खुफिया एजेंसी के चीफ ने फिर पूछा —
“Agent Aryan… Mission Complete?”
आर्यन ने हल्का सा सिर झुकाया।
“Yes sir… लेकिन खेल अभी खत्म नहीं हुआ है।”
आरव गुस्से में बोला —
“कोई मुझे बताएगा कि यहाँ हो क्या रहा है?”
रिया भी उतनी ही उलझी हुई थी।
खुफिया चीफ धीरे-धीरे आरव के पास आया।
उसने कहा —
“आरव… जो कुछ तुम देख रहे हो… वह सिर्फ शुरुआत है।”
“The Circle… सिर्फ एक सीक्रेट सोसाइटी नहीं है।”
“यह एक ऐसा नेटवर्क है… जो राजनीति, बिजनेस और अपराध की दुनिया को कंट्रोल करता है।”
आरव ने पूछा —
“और मेरे पिता?”
चीफ की आँखें गंभीर हो गईं।
“तुम्हारे पिता… इस नेटवर्क के सबसे बड़े दुश्मन थे।”
उसी वक्त…
कबीर सिंह अचानक हंसने लगा।
धीरे-धीरे… जोर से…
जैसे उसे किसी चीज़ का डर ही नहीं हो।
आर्यन ने बंदूक उसकी तरफ तान दी।
“खेल खत्म हो चुका है, कबीर।”
कबीर मुस्कुराया।
“खेल… अभी शुरू हुआ है।”
और उसने अपनी जेब से एक छोटा रिमोट निकाला।
सब चौंक गए।
“अगर तुमने यह बटन दबाया…”
आर्यन चिल्लाया —
“तो क्या होगा?”
कबीर की मुस्कान और खतरनाक हो गई।
“तो शहर के पाँच अलग-अलग हिस्सों में धमाके होंगे।”
पूरा पार्क एक पल के लिए शांत हो गया।
रिया की आवाज़ कांप गई।
“तुम झूठ बोल रहे हो…”
कबीर ने धीरे से कहा —
“आज रात… The Circle अपनी सबसे बड़ी चाल चलने वाला है।”
“और तुम लोग उसे रोक नहीं सकते।”
अचानक…
आर्यन की नज़र दूर खड़ी एक काली SUV पर पड़ी।
उसकी खिड़की आधी खुली थी।
और अंदर कोई बैठा था।
एक आदमी… जो सब कुछ देख रहा था।
आर्यन की आँखें सिकुड़ गईं।
वह धीरे से बोला —
“नहीं… यह असंभव है…”
आरव ने पूछा —
“क्या हुआ?”
आर्यन ने कांपती आवाज़ में कहा —
“मास्टरमाइंड…”
“वह यहीं है।”
SUV का दरवाज़ा धीरे-धीरे खुला।
एक आदमी बाहर उतरा।
उसने काला कोट पहन रखा था।
चेहरा आधा अंधेरे में छिपा हुआ था।
जैसे ही वह रोशनी में आया…
आरव की सांस रुक गई।
क्योंकि वह आदमी…
कोई और नहीं…
बल्कि…
आरव के पिता थे।
राजेश मेहरा।
रिया के मुंह से चीख निकल गई।
“यह… यह कैसे हो सकता है?”
आरव की आँखों में आँसू आ गए।
“पापा…?”
राजेश मेहरा धीरे-धीरे उनकी तरफ बढ़े।
उनके चेहरे पर अजीब सा सुकून था।
उन्होंने कहा —
“मैंने सोचा नहीं था कि तुम इतनी जल्दी यहाँ तक पहुँच जाओगे, आरव।”
आरव की दुनिया जैसे टूट गई।
“आप… जिंदा हैं?”
राजेश ने कहा —
“हाँ… और मैं ही The Circle का असली मास्टरमाइंड हूँ।”
पार्क में खड़े हर इंसान के चेहरे पर हैरानी थी।
आर्यन ने गुस्से से कहा —
“यह झूठ है!”
राजेश ने धीरे से कहा —
“नहीं, आर्यन… सच यही है।”
“मैंने ही यह खेल शुरू किया था।”
“और अब… मैं ही इसे खत्म करूंगा।”
लेकिन तभी…
खुफिया एजेंसी के चीफ ने अचानक बंदूक निकाल ली।
और उसे सीधे राजेश मेहरा की तरफ तान दिया।
वह चिल्लाया —
“कोई भी हिलेगा नहीं!”
और उसने ठंडी आवाज़ में कहा —
“क्योंकि असली मास्टरमाइंड… तुम नहीं हो।”
पूरा पार्क एक बार फिर सन्न रह गया।
चीफ मुस्कुराया।
और बोला —
“असली मास्टरमाइंड… मैं हूँ।”