खोई हुई यादें – एक रहस्यमयी सस्पेंस थ्रिलर कहानी | Psychological Mystery Novel

𝐏𝐀𝐑𝐓 𝟗 — “अंधेरी सुरंग”

टनल के अंदर घना अंधेरा था।

सिर्फ ऊपर से आती हल्की रोशनी धीरे-धीरे गायब हो रही थी।


अर्जुन और सिया धीरे-धीरे नीचे उतर रहे थे।

लोहे की सीढ़ियाँ जंग लगी हुई थीं।


सिया ने धीमी आवाज में कहा—

“यह सुरंग कितनी गहरी है?”


अर्जुन ने जवाब दिया—

“मुझे पूरी तरह याद नहीं… लेकिन यह बहुत नीचे तक जाती है।”


उनके कदमों की आवाज सुरंग में गूंज रही थी।


कुछ देर बाद दोनों नीचे पहुँच गए।


नीचे एक लंबा अंधेरा कॉरिडोर था।


दीवारों पर पुराने तार और पाइप लगे हुए थे।


सिया ने टॉर्च ऑन की।


टॉर्च की रोशनी जैसे ही आगे पड़ी…

दोनों अचानक रुक गए।


कॉरिडोर के आखिर में एक बड़ा स्टील का दरवाज़ा था।


उस पर लिखा था—


PROJECT SHADOW – RESTRICTED ACCESS


सिया की सांस रुक गई।


“यह… एक सीक्रेट बेस है।”


अर्जुन धीरे-धीरे आगे बढ़ा।


जैसे ही वह दरवाज़े के पास पहुंचा…

अचानक उसके दिमाग में फिर से यादें चमकने लगीं।


FLASHBACK

वही कॉरिडोर…

लेकिन इस बार चारों तरफ रोशनी है।


कई वैज्ञानिक लैपटॉप पर काम कर रहे हैं।


एक आदमी अर्जुन से कह रहा है—


“Agent Shadow, आज से तुम हमारी सबसे बड़ी उम्मीद हो।”


अर्जुन गुस्से में जवाब देता है—


“मैं किसी का हथियार नहीं बनूँगा।”


अचानक अलार्म बजने लगता है।


लाल लाइटें चमकने लगती हैं।


और फिर…

गोलियों की आवाज।


FLASHBACK END


अर्जुन घुटनों के बल बैठ गया।


“अब मुझे सब याद आ रहा है…”


सिया घबरा गई।


“क्या?”


अर्जुन की आवाज भारी थी।


“यह सिर्फ एक बेस नहीं था…”


“यहीं… Project Shadow चलाया जाता था।”


सिया ने पूछा—


“और अब?”


अर्जुन ने धीरे से कहा—


“अब यह जगह खाली होनी चाहिए…”


लेकिन उसी पल—


दरवाज़ा अपने आप खुल गया।


धीरे-धीरे…


अंदर की लाइटें जल उठीं।


और पूरा कमरा रोशनी से भर गया।


अर्जुन और सिया अंदर गए।


कमरे के बीच में एक बड़ा डिजिटल स्क्रीन लगा था।


स्क्रीन अचानक अपने आप चालू हो गया।


उस पर एक चेहरा दिखाई दिया।


एक आदमी का चेहरा…


लेकिन उसका चेहरा अंधेरे में छिपा हुआ था।


फिर स्क्रीन से आवाज आई—


“WELCOME BACK, AGENT SHADOW.”


सिया डर से पीछे हट गई।


“यह कौन है?”


अर्जुन स्क्रीन को घूर रहा था।


और धीरे-धीरे उसकी आँखों में पहचान उभरने लगी।


“नहीं…”


“यह असंभव है…”


सिया ने पूछा—


“कौन है यह?”


अर्जुन की आवाज कांप रही थी।


“Project Shadow का असली लीडर…”


स्क्रीन पर बैठे आदमी ने हल्की मुस्कान के साथ कहा—


“बहुत समय लगा तुम्हें यहाँ वापस आने में, अर्जुन।”


“लेकिन अब… खेल का असली हिस्सा शुरू होगा।”


अर्जुन समझ गया।


राठौर सिर्फ एक मोहरा था।


असली Shadow…

अभी सामने आने वाला था।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top