खोई हुई यादें – एक रहस्यमयी सस्पेंस थ्रिलर कहानी | Psychological Mystery Novel

𝐏𝐀𝐑𝐓 𝟖 — “गोली के बाद”

BANG!

गोली चलने की आवाज पूरे वेयरहाउस में गूंज गई।


एक पल के लिए सब कुछ रुक गया।


सिया चीख उठी—

“अर्जुन!”


लेकिन अगले ही पल एक और आवाज आई।


धातु के गिरने की आवाज।


राठौर की बंदूक उसके हाथ से गिर चुकी थी।


राठौर खुद पीछे लड़खड़ाकर गिर पड़ा।


उसके कंधे से खून बह रहा था।


अर्जुन हैरान खड़ा था।


क्योंकि गोली उसने नहीं चलाई थी।


सिया के हाथ में बंदूक थी।


उसकी सांस तेज चल रही थी।


“मैंने कहा था… अर्जुन कातिल नहीं है।”


राठौर जमीन पर हंसने लगा।


“तुम सोचती हो… यह सब यहीं खत्म हो जाएगा?”


सिया ने बंदूक और कसकर पकड़ ली।


“हां।”


लेकिन तभी…


वेयरहाउस के बाहर तेज सायरन की आवाज गूंजने लगी।


पूरा इलाका पुलिस से घिर चुका था।


लाल और नीली लाइटें खिड़कियों से अंदर चमक रही थीं।


अर्जुन ने धीरे से कहा—


“हमें यहाँ से निकलना होगा।”


सिया ने सिर हिलाया।


“लेकिन कैसे?”


राठौर जमीन पर पड़ा मुस्कुरा रहा था।


“तुम कहीं नहीं जा सकते।”


“पूरा शहर तुम्हें ढूंढ रहा है।”


अर्जुन की आँखों में अचानक अजीब सा बदलाव आया।


उसके दिमाग में यादें तेजी से लौटने लगीं।


FLASHBACK


एक गुप्त कमांड रूम।

स्क्रीन पर शहर का नक्शा।

और अर्जुन खड़ा है।


वह कह रहा है—


“अगर कभी ऑपरेशन फेल हो जाए…”


“तो वेयरहाउस 17 से एक गुप्त रास्ता है।”


FLASHBACK END


अर्जुन ने तुरंत सिया की तरफ देखा।


“मुझे रास्ता याद आ गया!”


सिया ने हैरानी से पूछा—


“कौन सा रास्ता?”


अर्जुन वेयरहाउस के कोने की तरफ दौड़ा।


वहाँ पुरानी लकड़ी की पेटियां रखी थीं।


उसने उन्हें तेजी से हटाना शुरू किया।


नीचे एक लोहे का ढक्कन दिखाई दिया।


सिया की आँखें चौड़ी हो गईं।


“एक टनल…?”


अर्जुन ने ढक्कन खोला।


नीचे अंधेरी सुरंग थी।


लेकिन तभी—


राठौर हँसने लगा।


“तुम लोग अभी भी नहीं समझे…”


अर्जुन रुक गया।


“क्या?”


राठौर ने खून से सने चेहरे के साथ कहा—


“Project Shadow सिर्फ एक प्रयोग नहीं था…”


“वह एक पूरा नेटवर्क है।”


सिया सन्न रह गई।


“क्या मतलब?”


राठौर की आँखों में अजीब चमक थी।


“मेरे जैसे… कई Shadow हैं।”


वेयरहाउस के बाहर अचानक कई गाड़ियों के दरवाज़े बंद होने की आवाज आई।


भारी कदमों की आवाज अंदर की तरफ आने लगी।


अर्जुन समझ गया।


यह सिर्फ पुलिस नहीं थी।


यह Shadow का पूरा नेटवर्क था।


सिया ने जल्दी से कहा—


“अर्जुन, जल्दी!”


दोनों टनल में कूद गए।


लेकिन जैसे ही वे नीचे उतरे…


अर्जुन ने ऊपर आखिरी बार देखा।


राठौर मुस्कुरा रहा था।


और उसने धीरे से कहा—


“भाग लो…”


“लेकिन Shadow से कोई नहीं बचता।”


टनल का ढक्कन बंद हो गया।


और अंधेरे में अर्जुन और सिया की असली लड़ाई शुरू होने वाली थी।

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