खोई हुई यादें – एक रहस्यमयी सस्पेंस थ्रिलर कहानी | Psychological Mystery Novel

𝐏𝐀𝐑𝐓 𝟕 — “Shadow का प्रयोग”

वेयरहाउस 17 के अंदर अजीब सा सन्नाटा था।

इंस्पेक्टर राठौर की बंदूक अब भी अर्जुन पर तनी हुई थी।


सिया गुस्से से बोली—

“तुम पागल हो गए हो राठौर!”

“अर्जुन कोई किलर नहीं है!”


राठौर हल्का सा हँसा।


“तुम अभी भी नहीं समझीं…”


उसने धीरे-धीरे वेयरहाउस के बीच की तरफ कदम बढ़ाए।


“Project Shadow सिर्फ एक मिशन नहीं था…”


“वह एक प्रयोग था।”


अर्जुन की आवाज कांप रही थी।


“कैसा प्रयोग…?”


राठौर ने सीधा उसकी आँखों में देखा।


“एक परफेक्ट किलर बनाने का।”


सिया चिल्लाई—


“झूठ!”


राठौर ने सिर हिलाया।


“नहीं।”


“सरकार को ऐसे एजेंट चाहिए थे… जो बिना किसी डर के मार सकें।”


“ऐसे लोग जिनके पास कोई भावना न हो।”


“और इसके लिए हमें चाहिए था… एक सही इंसान।”


अर्जुन का दिल तेज धड़कने लगा।


“और वह इंसान… मैं था?”


राठौर मुस्कुराया।


“तुम्हें चुना गया था क्योंकि तुम सबसे बेहतर एजेंट थे।”


“लेकिन…”


“तुम्हारे अंदर एक समस्या थी।”


अर्जुन ने पूछा—


“कौन सी?”


राठौर ने ठंडी आवाज में कहा—


“तुम्हारे अंदर अभी भी इंसानियत बची हुई थी।”


सिया का चेहरा सख्त हो गया।


“इसलिए उन्होंने…”


“तुम्हारी यादों के साथ छेड़छाड़ की।”


अर्जुन को अचानक अपने सिर में तेज दर्द महसूस हुआ।


FLASHBACK


एक सफेद लैब।

डॉक्टर… मशीनें…

और अर्जुन एक कुर्सी पर बंधा हुआ।


कोई कह रहा था—


“Memory wipe शुरू करो।”


“Agent Shadow को तैयार करो।”


FLASHBACK END


अर्जुन जमीन पर घुटनों के बल बैठ गया।


“नहीं…”


सिया घबराकर उसके पास आई।


“अर्जुन…!”


राठौर शांत खड़ा था।


“लेकिन प्रयोग पूरी तरह सफल नहीं हुआ।”


“क्योंकि तुमने… आदेश मानने से इनकार कर दिया।”


अर्जुन ने ऊपर देखा।


“तो उस रात वेयरहाउस में क्या हुआ?”


राठौर की आँखें ठंडी हो गईं।


“उस रात…”


“तुमने उन लोगों को मार दिया जो तुम्हें कंट्रोल करना चाहते थे।”


सिया हैरान रह गई।


“मतलब… वे तीन आदमी?”


राठौर ने सिर हिलाया।


“वे Project Shadow के वैज्ञानिक थे।”


वेयरहाउस में सन्नाटा छा गया।


अर्जुन की सांस तेज हो गई।


“तो… असली Shadow कौन है?”


राठौर की मुस्कान धीरे-धीरे वापस आई।


और उसने अपनी बंदूक फिर से सीधी की।


“Shadow… हमेशा से मैं था।”


अर्जुन और सिया दोनों सन्न रह गए।


राठौर ने कहा—


“तुम सिर्फ एक हथियार थे…”


“लेकिन असली खेल मैं चला रहा था।”


और उसी पल…


वेयरहाउस के बाहर से कई गाड़ियों की आवाज आई।


पुलिस सायरन।


सिया चौंक गई।


“यह क्या है?”


राठौर हँसा।


“तुम्हारा अंत।”


“पूरी पुलिस फोर्स यहाँ आ रही है…”


“और उन्हें बताया गया है कि सीरियल किलर अर्जुन मल्होत्रा यहीं छिपा है।”


अर्जुन समझ गया।


यह पूरा जाल था।


राठौर ने ट्रिगर दबाने से पहले कहा—


“अलविदा… Agent Shadow।”


BANG!


गोली चलने की आवाज पूरे वेयरहाउस में गूंज गई।


और उसी पल…


सब कुछ बदल गया।

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