खोई हुई यादें – एक रहस्यमयी सस्पेंस थ्रिलर कहानी | Psychological Mystery Novel

𝐏𝐀𝐑𝐓 𝟏 — “खोई हुई यादें”

अंधेरा…

चारों तरफ सिर्फ अंधेरा था।

फिर धीरे-धीरे एक हल्की सी रोशनी उसकी आँखों पर पड़ी।

उसने अपनी पलकों को धीरे-धीरे खोलने की कोशिश की।

सब कुछ धुंधला था।

सफेद छत…

ट्यूब लाइट…

और मशीनों की “बीप… बीप… बीप…” की आवाज।

कुछ सेकंड बाद उसे एहसास हुआ—

वह एक अस्पताल में है।


उसने अपना सिर उठाने की कोशिश की।

लेकिन जैसे ही उसने हिलना चाहा, उसके सिर में तेज दर्द उठा।

“आह…”

उसके मुंह से हल्की सी कराह निकली।

तभी कमरे का दरवाज़ा खुला।

एक नर्स जल्दी से अंदर आई।

“ओह… आप जाग गए!”

नर्स ने मुस्कुराते हुए कहा।

“कैसा महसूस कर रहे हैं?”

वह आदमी कुछ पल तक उसे देखता रहा।

फिर उसने धीमी आवाज में पूछा—

“मैं… कहाँ हूँ?”


नर्स ने जवाब दिया—

“आप सिटी हॉस्पिटल में हैं। आपको दो दिन पहले सड़क किनारे बेहोश पाया गया था।”

उसने अपनी आँखें बंद कीं।

फिर अचानक एक सवाल उसके दिमाग में आया।

“मैं… कौन हूँ?”


नर्स कुछ सेकंड के लिए चुप हो गई।

“आपको अपना नाम याद नहीं?”

उस आदमी ने धीरे से सिर हिलाया।

“नहीं…”


कुछ देर बाद डॉक्टर भी कमरे में आ गया।

डॉक्टर ने उसकी फाइल देखी और कहा—

“आपको शायद मेमोरी लॉस हुआ है।”

“हो सकता है आपको कुछ समय तक अपनी पुरानी यादें याद न आएं।”


उस आदमी ने कमरे के चारों तरफ देखा।

सब कुछ नया था।

अजनबी।

डरावना।


लेकिन तभी उसकी नजर दीवार पर पड़ी।

और वह अचानक सख्त हो गया।


दीवार पर काले मार्कर से कुछ लिखा हुआ था।

बड़े-बड़े अक्षरों में।


“किसी पर भरोसा मत करना।”


उसका दिल तेज धड़कने लगा।


उसने डॉक्टर से पूछा—

“यह… किसने लिखा?”


डॉक्टर ने दीवार की तरफ देखा।

और उसका चेहरा बदल गया।


“यह तो पहले यहाँ नहीं था…”


कमरे में अचानक अजीब सा सन्नाटा छा गया।


लेकिन तभी उस आदमी की नजर नीचे गई।

दीवार पर लिखी लाइन के नीचे एक और लाइन थी।

जो पहले उसने देखी ही नहीं थी।


“क्योंकि… तुमने एक बहुत भयानक काम किया है।”


उसके हाथ कांपने लगे।


“मैंने… क्या किया है?”


लेकिन असली झटका अभी बाकी था।


जैसे ही डॉक्टर ने उसकी फाइल दोबारा देखी…

उसकी आँखें चौड़ी हो गईं।


फाइल के पहले पेज पर लिखा था—


PATIENT NAME: ARJUN MALHOTRA

CRIME RECORD: SERIAL MURDER SUSPECT


डॉक्टर धीरे-धीरे उसकी तरफ देखने लगा।


और कमरे में पहली बार…

डर की असली शुरुआत हुई।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top