भाग 4 — छुपा हुआ सच
अध्याय 12 – खामोश विदाई
नदी के किनारे बैठा अर्जुन चुप था।
सामने बहता हुआ पानी जैसे उसकी भावनाओं को अपने साथ ले जा रहा था।
सिया की शादी की बात सुनकर उसका दिल टूट चुका था।
लेकिन फिर भी उसने अपने चेहरे पर मुस्कान बनाए रखने की कोशिश की।
सिया ने धीरे से कहा —
“अर्जुन… तुम कुछ बोल क्यों नहीं रहे?”
अर्जुन ने हल्के से मुस्कुराते हुए कहा —
“कभी-कभी शब्दों से ज्यादा खामोशी सब कुछ कह देती है।”
सिया की आँखों में आँसू आ गए।
अध्याय 13 – आखिरी मुलाकात
अगले दिन सिया ने अर्जुन को फोन किया।
“क्या हम आखिरी बार मिल सकते हैं?”
अर्जुन ने बिना सोचे हाँ कह दिया।
दोनों उसी कैफे में मिले जहाँ उनकी पहली मुलाकात हुई थी।
कैफे का वही कोना… वही टेबल…
लेकिन इस बार माहौल बिल्कुल अलग था।
दोनों के बीच खामोशी थी।
कुछ देर बाद सिया ने कहा —
“अर्जुन… अगर जिंदगी में कभी मुझे याद करो तो दुखी मत होना।”
अर्जुन ने धीरे से कहा —
“कुछ लोग जिंदगी में खुशियाँ बनकर नहीं… यादें बनकर आते हैं।”
अध्याय 14 – असली सच्चाई
अचानक सिया को तेज खांसी आने लगी।
अर्जुन घबरा गया।
“सिया… तुम ठीक हो?”
सिया ने जल्दी से पानी पिया।
लेकिन अर्जुन ने देखा कि उसके हाथ हल्के-हल्के कांप रहे थे।
अर्जुन ने गंभीर होकर पूछा —
“सिया… क्या तुम मुझसे कुछ छुपा रही हो?”
सिया कुछ पल तक चुप रही।
फिर उसने धीरे से कहा —
“हाँ…”
अर्जुन हैरान रह गया।
सिया की आँखों में आँसू आ गए।
“मेरी शादी की बात… पूरी सच्चाई नहीं है।”
अध्याय 15 – दिल तोड़ देने वाला सच
सिया ने कांपती आवाज़ में कहा —
“अर्जुन… मुझे एक गंभीर बीमारी है।”
अर्जुन के चेहरे का रंग उड़ गया।
“कौन सी बीमारी?”
सिया ने धीरे से कहा —
“डॉक्टरों ने कहा है कि मेरे पास ज्यादा समय नहीं है।”
कैफे की सारी आवाजें जैसे अचानक गायब हो गईं।
अर्जुन को विश्वास ही नहीं हो रहा था।
उसने धीरे से पूछा —
“तो तुमने मुझसे झूठ क्यों बोला?”
सिया की आँखों से आँसू बहने लगे।
“क्योंकि मैं नहीं चाहती थी कि तुम मेरे कारण दुखी हो।”
भाग 4 का अंत (सबसे इमोशनल मोड़)
अर्जुन की आँखों में आँसू आ गए।
उसने धीरे से कहा —
“तुमने मुझसे सच छुपाकर मुझे और ज्यादा दुख दिया है।”
सिया रोते हुए बोली —
“मैं बस तुम्हें खुश देखना चाहती थी।”
अर्जुन ने उसका हाथ पकड़ लिया।
“अगर तुम्हारे पास कम समय है… तो हम उस समय को सबसे खूबसूरत बना सकते हैं।”
सिया उसकी तरफ हैरानी से देखने लगी।
अर्जुन ने मुस्कुराते हुए कहा —
“क्योंकि सच्चा प्यार समय से नहीं डरता।”
सिया की आँखों से आँसू बहते रहे।
लेकिन कहानी अभी खत्म नहीं हुई थी…
क्योंकि उनकी जिंदगी का सबसे भावुक पल अभी बाकी था।