PART 7: मौत का चक्र
कमरे की दीवारें कांपने लगी थीं।
जैसे पूरा कमरा जिंदा हो।
आर्यन की नजर आईने पर जमी हुई थी।
उसका दिमाग सच को स्वीकार करने से इनकार कर रहा था।
“नहीं…”
“मैं ऐसा नहीं कर सकता…”
लड़की ने धीरे से कहा—
“लेकिन तुमने किया था…”
“उस रात… तुम खुद पर काबू खो चुके थे…”
आर्यन की सांसें भारी हो गईं।
Images फिर से flash होने लगीं।
वो Room 307 में खड़ा था।
उसके हाथ में चाकू था।
लड़की उसके सामने खड़ी थी।
“आर्यन… प्लीज…”
लेकिन आर्यन की आँखों में गुस्सा था।
“तुमने मुझे धोखा दिया!”
लड़की रो रही थी।
“मैंने कुछ नहीं किया…”
लेकिन…
आर्यन ने चाकू उठा लिया।
और…
उसे मार दिया।
खून हर तरफ फैल गया।
अचानक…
आर्यन के हाथ कांपने लगे।
उसे एहसास हुआ… उसने क्या कर दिया।
“मैंने… क्या किया…”
वो घुटनों के बल गिर गया।
उसकी दुनिया खत्म हो चुकी थी।
तभी…
दरवाजा खुला।
वही बूढ़ा आदमी अंदर आया।
उसने खून से भरे कमरे को देखा।
और मुस्कुराया।
“अब तुम भी इस कमरे का हिस्सा हो…”
आर्यन ने डरते हुए पूछा—
“तुम… कौन हो?”
बूढ़ा आदमी उसकी तरफ बढ़ा।
और बोला—
“मैं… वो हूँ जो आत्माओं को कैद करता है…”
“मैं… इस कमरे का रक्षक हूँ…”
“और अब…”
“तुम यहाँ हमेशा के लिए रहोगे…”
आर्यन चिल्लाया—
“नहीं!”
डर और guilt में…
उसने वही चाकू उठाया।
और…
खुद के सीने में घोंप दिया।
Scene खत्म।
आर्यन वापस वर्तमान में था।
उसकी आँखों से आंसू बह रहे थे।
“तो… ये सच है…”
बूढ़ा आदमी अब उसके सामने खड़ा था।
लेकिन इस बार…
उसका चेहरा बदलने लगा।
उसकी आँखें काली हो गईं।
उसकी मुस्कान डरावनी हो गई।
“हाँ…”
“और अब… समय पूरा होने वाला है…”
डायरी में आखिरी countdown शुरू हो गया—
“Death Time Remaining: 02 minutes”
कमरे की दीवारों से हाथ निकलने लगे।
सैकड़ों हाथ।
जो आर्यन को पकड़ने की कोशिश कर रहे थे।
लड़की ने चिल्लाकर कहा—
“अगर तुम इस चक्र को तोड़ना चाहते हो…”
“तो सच को स्वीकार करो!”
“और अपना डर खत्म करो!”
आर्यन कांप रहा था।
उसके पास सिर्फ दो मिनट थे।
या तो…
वो हमेशा के लिए इस कमरे में कैद हो जाएगा।
या…
इस चक्र को तोड़ देगा।
PART 8 में होगा FINAL CLIMAX:
• क्या आर्यन खुद को बचा पाएगा
• क्या वो इस शाप को खत्म करेगा
• या फिर Room 307 उसका हमेशा के लिए घर बन जाएगा