PART 2: तीसरी मंजिल
आर्यन सीढ़ियों से ऊपर जा रहा था।
हर कदम के साथ…
आवाज गूंज रही थी।
टक… टक… टक…
तीसरी मंजिल पर पहुँचते ही…
हवा ठंडी हो गई।
जैसे कोई उसके पास खड़ा हो।
लेकिन वहाँ कोई नहीं था।
सिर्फ एक दरवाजा।
307
दरवाजे पर धूल जमी हुई थी।
जैसे सालों से किसी ने उसे खोला नहीं।
आर्यन ने चाबी निकाली।
उसके हाथ कांप रहे थे।
उसने चाबी दरवाजे में डाली।
CLICK.
दरवाजा धीरे-धीरे खुला।
अंदर अंधेरा था।
पूरा कमरा खाली था।
सिर्फ एक चीज थी—
टेबल पर रखी हुई एक डायरी।
आर्यन धीरे-धीरे अंदर गया।
जैसे ही उसने डायरी उठाई…
दरवाजा अपने आप बंद हो गया।
धड़ाम।
आर्यन चौंक गया।
उसने दरवाजा खोलने की कोशिश की।
लेकिन…
दरवाजा लॉक हो चुका था।
अचानक…
पीछे से आवाज आई—
“तुम फिर आ गए…”
आर्यन ने तुरंत पीछे मुड़कर देखा।
कोई नहीं था।
कमरा खाली था।
लेकिन…
टेबल पर रखी डायरी अपने आप खुल गई।
उसने धीरे-धीरे डायरी पढ़ना शुरू किया।
पहले पेज पर लिखा था—
Name: Aryan
उसका दिल रुक गया।
उसने अगली लाइन पढ़ी—
Date of Death: 17 October
Time: 2:17 AM
Place: Room 307
आर्यन के हाथ से डायरी गिर गई।
उसने डरते हुए कहा—
“ये… ये impossible है…”
तभी…
Mirror में उसने देखा—
उसके पीछे…
कोई खड़ा था।
और वो…
खुद था।
लेकिन…
उसका चेहरा खून से भरा हुआ था।
और वो मुस्कुरा रहा था।
PART 3 coming next…
अगले parts में पता चलेगा:
- Room 307 का असली रहस्य
- क्यों हर 10 साल में कोई मरता है
- और सबसे बड़ा twist:
क्या आर्यन पहले भी यहाँ मर चुका है?