दूसरी दुनिया का दरवाज़ा – एक रहस्यमयी टाइम ट्रैवल और Parallel Universe हिंदी उपन्यास

PART – 5

सन्नाटा…

हर तरफ बस सन्नाटा था।


ना कोई आवाज़… ना कोई रोशनी… ना कोई दुनिया।


जैसे सब कुछ… खत्म हो चुका था।



फिर… धीरे-धीरे…

एक हल्की सी धड़कन सुनाई दी।


धक… धक… धक…



और अचानक—


आर्यन ने आंखें खोल दीं।



वो अपने कमरे में था।


वही कमरा… वही दीवारें… वही खिड़की…



जैसे कुछ हुआ ही नहीं।



आर्यन तेजी से उठ बैठा—
“मैं… वापस आ गया?”



उसने अपने हाथों को देखा… सब ठीक था।



लेकिन उसके दिल में… एक अजीब सा खालीपन था।



“वो लड़की… वो दुनिया…”


“क्या वो सब सपना था?”



तभी… उसकी नजर दीवार पर गई।



वो दरवाज़ा…

अब वहाँ नहीं था।



आर्यन धीरे-धीरे खड़ा हुआ… और उस जगह को छुआ।



कुछ नहीं।



सिर्फ एक खाली दीवार।



उसने गहरी सांस ली—
“शायद… सब खत्म हो गया…”



⏳ कुछ दिन बाद…


आर्यन अपनी जिंदगी में वापस लौट चुका था।


कॉलेज… दोस्त… रोज़मर्रा की बातें…



सब कुछ normal था।



लेकिन… वो खुद normal नहीं था।



कभी-कभी… उसे अजीब सी flashbacks आते—

  • बैंगनी आसमान…
  • टूटता हुआ महल…
  • और एक लड़की… जिसकी आंखों में रोशनी थी…


वो उसे याद करने की कोशिश करता…

लेकिन हर बार… वो याद अधूरी रह जाती।



एक दिन… वो शहर के एक पुराने म्यूजियम में गया।


बस ऐसे ही… बिना किसी वजह के।



वहाँ एक नया सेक्शन बना था—
“Unknown Dimensions”



आर्यन को अजीब सा खिंचाव महसूस हुआ…



वो अंदर गया…



और फिर…


वो रुक गया।



उसके सामने… एक कांच के बॉक्स में…


एक छोटा सा लकड़ी का दरवाज़ा रखा था।



ठीक वैसा ही… जैसा उसने अपने कमरे में देखा था।



उसका दिल तेजी से धड़कने लगा—
“ये… ये वही है…”



तभी… उसके पीछे से एक आवाज़ आई—


“तुमने इसे बंद कर दिया…”



आर्यन धीरे-धीरे पलटा…



वो लड़की… उसके सामने खड़ी थी।



इस बार… वो इंसान जैसी लग रही थी।



ना कोई चमक… ना कोई अजीब ताकत…



बस… एक सामान्य लड़की।



“तुम…” — आर्यन की आवाज़ कांप गई।



वो हल्का सा मुस्कुराई—
“हाँ… मैं…”



“लेकिन… तुम तो…”



“खत्म हो गई थी?” — उसने उसकी बात पूरी की।



फिर उसने धीरे से सिर हिलाया—


“नहीं…”


“जब तुमने दरवाज़ा बंद किया…”


“तुमने सिर्फ उस दुनिया को नहीं बचाया…”



“तुमने मुझे… एक नई जिंदगी दी…”



आर्यन कुछ पल उसे देखता रहा…



“मतलब… अब सब ठीक है?”



लड़की ने हल्की मुस्कान के साथ कहा—


“हाँ… अब कोई शून्य नहीं है…”



कुछ सेकंड की खामोशी…



फिर आर्यन ने पूछा—
“और ये दरवाज़ा?”



लड़की ने उस कांच के बॉक्स की तरफ देखा—


“ये अब सिर्फ एक याद है…”



आर्यन ने धीरे से कहा—
“तो अब… कोई दूसरी दुनिया नहीं है?”



लड़की कुछ पल चुप रही…



फिर उसने उसकी आंखों में देखते हुए कहा—


“दुनिया खत्म नहीं होती…”


“बस… दरवाज़े बदल जाते हैं…”



आर्यन चौंक गया—
“मतलब?”



तभी…


म्यूजियम की लाइट्स अचानक टिमटिमाने लगीं।



और वो कांच का बॉक्स… धीरे-धीरे crack होने लगा।



“ये क्या—?”



अगले ही पल—


कांच टूट गया।



और वो छोटा दरवाज़ा… खुद-ब-खुद खुल गया।



अंदर से… वही नीली रोशनी निकलने लगी।



और एक धीमी आवाज़ गूंजी—


“क्या तुम फिर से आओगे…?”



आर्यन और लड़की… दोनों उस दरवाज़े को देख रहे थे।



इस बार… उनके सामने कोई मजबूरी नहीं थी।



सिर्फ एक सवाल था—


👉 क्या वो फिर से उस दुनिया में जाएंगे…?



आर्यन ने धीरे से लड़की की तरफ देखा…



और मुस्कुराया—


“इस बार… हम साथ चलेंगे।”



लड़की ने उसका हाथ पकड़ लिया।



और दोनों… उस दरवाज़े की तरफ बढ़ने लगे।



जैसे ही उन्होंने कदम अंदर रखा—


रोशनी ने उन्हें पूरी तरह घेर लिया।



और दरवाज़ा… फिर से बंद हो गया।



🔥 “दूसरी दुनिया का दरवाज़ा” समाप्त… या एक नई शुरुआत 🔥

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