दूसरी दुनिया का दरवाज़ा – एक रहस्यमयी टाइम ट्रैवल और Parallel Universe हिंदी उपन्यास

PART – 3

आर्यन और वो लड़की… जान बचाने के लिए भाग रहे थे।


उनके पीछे… वो काली परछाई तेजी से करीब आ रही थी।


जमीन हिल रही थी… पेड़ टूट रहे थे…

जैसे पूरी दुनिया उस चीज़ से डरती हो।


“जल्दी भागो!” — लड़की ने उसका हाथ कसकर पकड़ लिया।


आर्यन हांफ रहा था—
“ये… ये क्या है?”


लड़की ने पीछे देखे बिना जवाब दिया—

“इसे ‘शून्य’ कहते हैं…”



“शून्य?” — आर्यन चौंका।


“हाँ…”

“ये कोई इंसान नहीं… कोई जीव नहीं…”

“ये… एक ताकत है…”



“ताकत… जो दुनियाओं को खा जाती है…”



आर्यन के कदम धीमे पड़ने लगे—
“मतलब… ये पूरी दुनिया…”


“खत्म हो चुकी है…” — लड़की ने बीच में ही कहा।



आर्यन रुक गया—
“तो फिर हम क्यों भाग रहे हैं?”



लड़की भी रुक गई… और उसकी तरफ मुड़ी—


“क्योंकि… हम आखिरी बचे हैं…”



कुछ पल के लिए… दोनों के बीच सन्नाटा छा गया।



तभी… पीछे से एक जोरदार धमाका हुआ।


आर्यन ने मुड़कर देखा—


वो काली परछाई अब और भी पास आ चुकी थी।


उसके आसपास की जमीन… गायब हो रही थी।



“ये सब कुछ मिटा रही है…” — आर्यन की आवाज़ कांप गई।



लड़की ने उसका हाथ खींचा—
“चलो! अभी रुकने का टाइम नहीं है!”



दोनों फिर से दौड़ने लगे…



कुछ देर बाद… वो एक पुराने खंडहर के सामने रुके।


एक टूटा हुआ महल… जो आधा हवा में लटक रहा था।



“यहाँ…” — लड़की ने कहा।



“ये जगह… अभी तक सुरक्षित है…”



आर्यन ने हैरानी से पूछा—
“क्यों?”



लड़की ने धीरे से जवाब दिया—

“क्योंकि… यही इस दुनिया का ‘केंद्र’ है…”



“और यहीं से… सब कुछ शुरू हुआ था…”



आर्यन का दिल फिर तेज धड़कने लगा—
“मतलब… शून्य भी?”



लड़की ने उसकी आंखों में देखते हुए कहा—

“नहीं…”


“शून्य… तुम्हारी वजह से आया है…”



आर्यन जैसे जम गया—
“मेरी वजह से…?”



“हाँ…” — उसने कहा —
“जब तुमने वो दरवाज़ा खोला…”


“तुमने सिर्फ इस दुनिया में कदम नहीं रखा…”


“तुमने दोनों दुनियाओं के बीच का संतुलन तोड़ दिया…”



आर्यन को वो आवाज़ याद आई—
“अगर खोला… तो वापस नहीं आ पाओगे…”



“तो अब क्या?” — उसने घबराकर पूछा।



लड़की ने कुछ पल सोचा… फिर बोली—


“एक तरीका है…”



“क्या?”



“दरवाज़ा…”



“हमें उसे बंद करना होगा…”



आर्यन ने सिर हिलाया—
“लेकिन वो तो मेरे कमरे में था…”



लड़की ने धीरे से कहा—


“नहीं…”


“वो दरवाज़ा… हर दुनिया में मौजूद है…”



“और इस दुनिया में… वो यहीं है…”



उसने महल के अंदर की तरफ इशारा किया।



अंदर… अंधेरा था।



आर्यन ने गहरी सांस ली—
“तो हमें अंदर जाना होगा…”



“हाँ…” — लड़की ने कहा —
“लेकिन एक बात याद रखना…”



“क्या?”



“दरवाज़ा बंद करने की कीमत होती है…”



आर्यन चौंक गया—
“कैसी कीमत?”



लड़की ने उसकी आंखों में देखा…


और धीरे से कहा—


“जो दरवाज़ा खोलता है… वही उसे बंद करता है…”



“मतलब…?”



“मतलब… तुम्हें यहीं रहना होगा…”



आर्यन के पैरों तले जमीन खिसक गई—
“क्या?”



“अगर दरवाज़ा बंद हुआ…”

“तो तुम अपनी दुनिया में कभी वापस नहीं जा पाओगे…”



कुछ पल के लिए… सब कुछ शांत हो गया।



एक तरफ… उसकी अपनी दुनिया… उसका घर… उसकी जिंदगी…

और दूसरी तरफ… ये अजनबी दुनिया… जिसे बचाने की जिम्मेदारी अब उसी पर थी।



तभी… वो काली ताकत (शून्य) महल के बाहर पहुंच गई।


उसकी डरावनी आवाज़ गूंजी—


“तुम कहीं नहीं भाग सकते…”



महल की दीवारें कांपने लगीं…



लड़की ने आर्यन का हाथ पकड़ा—
“फैसला अभी करना होगा…”



आर्यन ने अपनी आंखें बंद कीं…


उसके दिमाग में उसकी दुनिया की सारी यादें घूमने लगीं…



और फिर… उसने आंखें खोलीं।



उसके चेहरे पर अब डर नहीं था।



सिर्फ एक फैसला था।



“चलो…” — उसने धीरे से कहा।



“हम दरवाज़ा बंद करेंगे।”



लड़की ने हैरानी से उसकी तरफ देखा…



और पहली बार… उसके चेहरे पर हल्की मुस्कान आई।



लेकिन उसे नहीं पता था—


कि आर्यन ने जो फैसला लिया है…

वो सिर्फ उसकी जिंदगी ही नहीं…

दोनों दुनियाओं का भविष्य बदलने वाला है।



🔥 Part 2 समाप्त 🔥

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