
भाग 7 – धोखा
किले के अंदर अलार्म लगातार बज रहा था।
लाल लाइटें पूरे कैदखाने को डरावना बना रही थीं।
चारों तरफ हथियारबंद गार्ड तेजी से उनकी तरफ बढ़ रहे थे।
लेकिन उस पल सबसे खतरनाक चीज गार्ड नहीं थे।
सबसे खतरनाक चीज थी —
अनाया के हाथ में पकड़ी हुई बंदूक।
एक पल की खामोशी
आर्यन बिल्कुल स्थिर खड़ा था।
उसकी आँखें अपनी ही बहन पर टिक गई थीं।
अनाया का हाथ थोड़ा काँप रहा था…
लेकिन बंदूक सीधा आर्यन की तरफ थी।
माया ने धीरे से कहा —
“आर्यन… सावधान…”
कबीर और राघव भी हैरान थे।
किसी ने सोचा भी नहीं था कि ऐसा होगा।
अनाया की सच्चाई
अनाया की आँखों में आँसू थे।
उसने धीरे से कहा —
“मुझे मजबूर किया गया था…”
आर्यन ने शांत आवाज में पूछा —
“क्या मतलब?”
अनाया बोली —
“विक्टर ने मुझे दो साल पहले पकड़ लिया था।”
“उसने मुझे ट्रेनिंग दी…
और मुझे अपने मिशन का हिस्सा बना दिया।”
आर्यन ने गुस्से में कहा —
“तो तुम उसके लिए काम कर रही हो?”
अनाया चुप हो गई।
अचानक हमला
तभी कैदखाने का दरवाजा टूटकर खुल गया।
दस से ज्यादा गार्ड अंदर घुस आए।
सभी के हाथ में भारी हथियार थे।
राघव तुरंत कवर में चला गया।
उसने दो गार्ड को गिरा दिया।
माया बिजली की तरह आगे बढ़ी और तीन लोगों को एक-एक मूव में जमीन पर गिरा दिया।
कबीर ने जल्दी से स्मोक ग्रेनेड फेंक दिया।
पूरा कमरा धुएँ से भर गया।
खतरनाक फैसला
धुएँ के बीच आर्यन और अनाया आमने-सामने खड़े थे।
आर्यन ने धीरे से कहा —
“तुम अभी भी मेरी बहन हो।”
“मैं तुम पर गोली नहीं चलाऊँगा।”
अनाया की आँखों में दर्द था।
उसने कहा —
“लेकिन अगर मैंने तुम्हें जाने दिया…
तो विक्टर मुझे मार देगा।”
आर्यन ने कहा —
“मैं तुम्हें उससे भी बचाऊँगा।”
एक और ट्विस्ट
अचानक स्पीकर फिर चालू हुआ।
विक्टर की आवाज गूँजी।
“बहुत भावुक पल है…”
“लेकिन दुर्भाग्य से… मेरे पास इसके लिए समय नहीं है।”
तभी पूरे किले की दीवारें हिलने लगीं।
कबीर चिल्लाया —
“यह क्या हो रहा है?”
किले का सच
विक्टर हँस रहा था।
“यह किला सिर्फ ठिकाना नहीं है…”
“यह एक टाइम बम है।”
सभी चौंक गए।
विक्टर बोला —
“15 मिनट बाद यह पूरा द्वीप उड़ने वाला है।”
समय खत्म
कबीर ने जल्दी से सिस्टम चेक किया।
उसका चेहरा गंभीर हो गया।
“वह सच कह रहा है…”
“पूरा किला विस्फोटकों से भरा हुआ है।”
माया ने कहा —
“मतलब हमारे पास 15 मिनट हैं यहाँ से निकलने के लिए।”
सबसे कठिन फैसला
आर्यन ने अनाया की तरफ देखा।
“तुम हमारे साथ चल रही हो।”
अनाया ने धीरे से सिर हिलाया।
“मैं नहीं जा सकती…”
“क्योंकि…”
वह रुक गई।
फिर बोली —
“बम का कंट्रोल मेरे पास है।”
चौंकाने वाला सच
कबीर चौंक गया।
“क्या?”
अनाया बोली —
“विक्टर ने सिस्टम मेरे बायोमेट्रिक से लॉक किया है।”
“अगर मैं यहाँ से गई…
तो बम तुरंत फट जाएगा।”
कमरे में सन्नाटा छा गया।
असंभव स्थिति
राघव ने कहा —
“मतलब अगर हम उसे साथ ले जाएँगे तो हम सब मर जाएँगे…”
माया ने कहा —
“और अगर उसे छोड़ दें…”
कोई आगे बोल नहीं पाया।
आखिरी 10 मिनट
अचानक दीवार पर एक स्क्रीन चालू हुई।
उसमें विक्टर दिखाई दिया।
वह मुस्कुरा रहा था।
“तो आर्यन…”
“अब तुम्हें फैसला करना होगा।”
“दुनिया को बचाओ…
या अपनी बहन को।”
🔥 (भाग 7 समाप्त)
अगले भाग में कहानी और ज्यादा खतरनाक हो जाएगी:
- आर्यन का सबसे मुश्किल फैसला
- क्या टीम द्वीप से बच पाएगी?
- क्या अनाया सच में मरने वाली है?
- और विक्टर का अगला हमला