
भाग 6 – मौत का द्वीप
रात के लगभग 2 बजे थे।
समुद्र के बीच एक छोटा सा द्वीप था।
उस द्वीप पर एक विशाल किला बना हुआ था।
ऊँची दीवारें…
चारों तरफ सुरक्षा टावर…
और हर जगह हथियारबंद गार्ड।
यही था — सिंडिकेट का गुप्त ठिकाना।
और यहीं कैद थी…
आर्यन की बहन।
मिशन शुरू
द्वीप से कुछ किलोमीटर दूर समुद्र में एक छोटी नाव धीरे-धीरे आगे बढ़ रही थी।
नाव में चार लोग बैठे थे।
आर्यन…
कबीर…
माया…
और राघव।
सबने काले मिशन सूट पहने हुए थे।
समुद्र पर हल्की धुंध छाई हुई थी।
यह उनके लिए एक अच्छा कवर था।
कबीर टैबलेट पर सुरक्षा सिस्टम देख रहा था।
उसने कहा —
“द्वीप पर कुल 60 गार्ड हैं।”
“और पूरे किले में हाई-लेवल सिक्योरिटी सिस्टम लगा हुआ है।”
माया मुस्कुराई।
“मतलब हमें मज़ा आने वाला है।”
चुपचाप घुसपैठ
नाव धीरे-धीरे चट्टानों के पास रुकी।
चारों पानी में उतरे और चट्टानों के सहारे किले की दीवार तक पहुँचे।
राघव ने ऊपर देखा।
“टावर में दो गार्ड हैं।”
उसने अपनी स्नाइपर राइफल सेट की।
दो हल्की आवाजें…
और दोनों गार्ड गिर चुके थे।
माया ने धीरे से कहा —
“क्लीन।”
फिर चारों दीवार पार करके अंदर घुस गए।
अंदर का खतरा
किले के अंदर कई गलियारे थे।
हर जगह कैमरे और सेंसर लगे हुए थे।
लेकिन कबीर ने अपना डिवाइस निकाला।
कुछ सेकंड में उसने सुरक्षा सिस्टम हैक कर दिया।
“अब हमारे पास 10 मिनट हैं।”
आर्यन ने कहा —
“बस उतना ही काफी है।”
कैदखाना
कुछ मिनट बाद वे किले के सबसे नीचे वाले हिस्से में पहुँचे।
वहाँ एक बड़ा स्टील का दरवाजा था।
कबीर ने उसे खोल दिया।
दरवाजा खुलते ही अंदर कई सेल दिखाई दिए।
आर्यन तेज़ी से अंदर गया।
और अचानक…
उसकी नजर एक सेल पर जाकर रुक गई।
वहाँ एक लड़की बैठी थी।
कमजोर… लेकिन जिंदा।
वह थी — आर्यन की बहन, अनाया।
भावुक पल
अनाया ने जैसे ही आर्यन को देखा…
उसकी आँखों में आँसू आ गए।
“भैया…”
आर्यन तुरंत उसके पास गया और सेल खोल दिया।
“मैं तुम्हें यहाँ से निकालने आया हूँ।”
अनाया ने धीरे से कहा —
“तुम्हें यहाँ नहीं आना चाहिए था…”
आर्यन ने पूछा —
“क्यों?”
सबसे बड़ा जाल
अनाया ने जवाब देने ही वाली थी कि अचानक पूरे किले में अलार्म बजने लगा।
लाल लाइटें जल उठीं।
कबीर चिल्लाया —
“यह कैसे हो सकता है… मैंने सिस्टम बंद कर दिया था!”
तभी स्पीकर से एक आवाज गूँजी।
वह आवाज थी — विक्टर की।
“स्वागत है… आर्यन।”
सभी चौंक गए।
विक्टर की चाल
स्पीकर से विक्टर की हँसी सुनाई दी।
“तुम हमेशा की तरह अनुमानित हो।”
“मुझे पता था तुम अपनी बहन को बचाने जरूर आओगे।”
माया ने गुस्से में कहा —
“मतलब यह सब जाल था।”
विक्टर बोला —
“बिल्कुल।”
घेराबंदी
अचानक दरवाजे बंद हो गए।
चारों तरफ से भारी हथियारों वाले गार्ड आने लगे।
किले का पूरा सुरक्षा सिस्टम एक्टिव हो चुका था।
राघव ने धीरे से कहा —
“हम घिर चुके हैं।”
लेकिन असली झटका
तभी अनाया अचानक खड़ी हो गई।
उसका चेहरा बदल चुका था।
उसने धीरे से कहा —
“मुझे माफ करना… भैया।”
आर्यन स्तब्ध रह गया।
“अनाया…?”
और अगले ही पल…
अनाया ने अपनी जैकेट से एक छोटा सा हथियार निकाल लिया।
🔥 (भाग 6 समाप्त)
अगले भाग में होगा सबसे बड़ा ट्विस्ट:
- क्या अनाया सच में सिंडिकेट के साथ है?
- टीम इस घेराबंदी से कैसे बचेगी?
- विक्टर की असली योजना क्या है?
- और क्या आर्यन अपनी ही बहन के खिलाफ खड़ा होगा?