
भाग 5 – पुरानी टीम की वापसी
बंकर के अंदर अभी भी हल्की रोशनी जल रही थी।
आर्यन अकेला खड़ा था।
विक्टर जा चुका था…
लेकिन उसके शब्द अभी भी कमरे में गूंज रहे थे।
“48 घंटे…”
इतना ही समय था दुनिया को अराजकता में डूबने से बचाने के लिए।
और सबसे बड़ी बात…
आर्यन की बहन उसके दुश्मनों के हाथ में थी।
एक पुराना संपर्क
आर्यन कंट्रोल टेबल के पास गया।
उसने कंप्यूटर चालू किया और एक गुप्त नेटवर्क खोला।
स्क्रीन पर कई कोड दिखाई देने लगे।
फिर उसने एक खास चैनल खोला।
यह चैनल सालों से बंद था।
यह उसी टीम के लिए था…
जो कभी उसके साथ काम करती थी।
आर्यन ने एक छोटा सा मैसेज टाइप किया।
“Shadow Protocol Active.”
और मैसेज भेज दिया।
पहला जवाब
सिर्फ 20 सेकंड बाद स्क्रीन पर एक जवाब आया।
“तो आखिरकार तुम वापस आ ही गए।”
आर्यन हल्का सा मुस्कुराया।
“कबीर…”
कबीर – दिमाग
कबीर कभी टीम का सबसे तेज दिमाग था।
दुनिया के सबसे बड़े सिस्टम हैक करना उसके लिए खेल था।
कुछ मिनट बाद स्क्रीन पर उसका चेहरा दिखाई दिया।
वह एक कमरे में बैठा था जहाँ चारों तरफ कंप्यूटर स्क्रीन लगी थीं।
कबीर बोला —
“दस साल बाद तुम्हारा मैसेज आया है…
तो मतलब हालात बहुत खराब हैं।”
आर्यन ने सीधे कहा —
“विक्टर वापस आ गया है।”
कुछ सेकंड के लिए कबीर चुप हो गया।
फिर उसने धीरे से कहा —
“तो खेल सच में शुरू हो गया।”
दूसरा सदस्य
आर्यन ने दूसरा सिग्नल भेजा।
इस बार जवाब आने में थोड़ा समय लगा।
फिर स्क्रीन पर एक लोकेशन दिखाई दी।
एक जिम…
जहाँ एक महिला भारी बैग पर मुक्के मार रही थी।
वह थी — माया।
माया – ताकत
माया टीम की सबसे खतरनाक फाइटर थी।
कई देशों की स्पेशल फोर्स ट्रेनिंग ले चुकी थी।
आर्यन ने उसे कॉल किया।
माया ने फोन उठाया और सीधे कहा —
“मैंने सोचा था तुम कभी वापस नहीं आओगे।”
आर्यन बोला —
“इस बार मजबूरी है।”
माया ने पूछा —
“विक्टर?”
आर्यन चुप रहा।
माया ने कहा —
“लोकेशन भेजो… मैं आ रही हूँ।”
तीसरा सदस्य
अब सिर्फ एक ही सदस्य बचा था।
टीम का सबसे रहस्यमयी आदमी।
जिसके बारे में दुनिया में बहुत कम लोग जानते थे।
आर्यन ने एक आखिरी कोड भेजा।
लेकिन इस बार कोई जवाब नहीं आया।
एक मिनट…
दो मिनट…
पाँच मिनट…
फिर अचानक स्क्रीन पर एक मैसेज चमका।
“तुम्हें मुझे वापस बुलाने में 10 साल लग गए।”
आर्यन ने धीरे से कहा —
“राघव…”
राघव – छाया
राघव टीम का स्नाइपर और रणनीतिकार था।
वह हमेशा छाया में रहता था।
और उसका निशाना कभी नहीं चूकता था।
स्क्रीन पर सिर्फ एक लाइन आई —
“लोकेशन भेजो।”
टीम फिर से तैयार
कुछ ही घंटों में बंकर में हलचल शुरू हो गई।
पहले कबीर आया।
फिर माया।
दोनों कई साल बाद आर्यन से मिले।
कुछ सेकंड तक तीनों एक-दूसरे को देखते रहे।
फिर माया ने कहा —
“तो… दुनिया बचाने का टाइम फिर आ गया?”
आर्यन हल्का सा मुस्कुराया।
“लगता तो यही है।”
नई जानकारी
कबीर ने तुरंत कंप्यूटर पर काम शुरू कर दिया।
कुछ ही मिनटों में उसने सिंडिकेट के कई नेटवर्क ट्रैक कर लिए।
फिर उसने कहा —
“मेरे पास एक अच्छी और एक बुरी खबर है।”
आर्यन ने पूछा —
“पहले बुरी।”
कबीर बोला —
“विक्टर की योजना हमारी सोच से कहीं बड़ी है।”
माया ने पूछा —
“और अच्छी खबर?”
कबीर मुस्कुराया।
“मुझे पता चल गया है कि उसने तुम्हारी बहन को कहाँ रखा है।”
नई मिशन
कमरे में सन्नाटा छा गया।
आर्यन ने धीरे से पूछा —
“कहाँ?”
कबीर ने स्क्रीन पर एक लोकेशन दिखाई।
एक विशाल किला…
जो समुद्र के बीच एक छोटे द्वीप पर बना था।
कबीर बोला —
“यह सिंडिकेट का सबसे सुरक्षित ठिकाना है।”
माया मुस्कुराई।
“मतलब मज़ा आने वाला है।”
लेकिन…
तभी बंकर का दरवाजा अचानक खुला।
सभी तुरंत सतर्क हो गए।
दरवाजे पर एक आदमी खड़ा था।
उसके कंधे पर स्नाइपर राइफल थी।
वह धीरे-धीरे अंदर आया।
वह था — राघव।
लेकिन उसके चेहरे पर गंभीरता थी।
उसने अंदर आते ही कहा —
“हमारे पास समय बहुत कम है।”
आर्यन ने पूछा —
“क्यों?”
राघव ने जवाब दिया —
“क्योंकि विक्टर की योजना…
48 घंटे में नहीं…”
वह थोड़ा रुका।
फिर बोला —
“24 घंटे में शुरू होने वाली है।”
🔥 (भाग 5 समाप्त)
आगे कहानी में होगा:
- द्वीप पर खतरनाक मिशन
- आर्यन की बहन को बचाने की कोशिश
- सिंडिकेट का पहला वैश्विक हमला
- और एक ऐसा ट्विस्ट जो टीम को तोड़ सकता है