अध्याय 23 – “आखिरी लड़ाई की शुरुआत”
वॉल्ट के अंदर धुआँ फैल चुका था।
टूटी हुई दीवार से काले कपड़ों में हथियारबंद लोग अंदर घुस रहे थे।
ब्लैक सिंडिकेट।
उनके हाथों में ऑटोमेटिक गन थीं।
कमरे के अंदर गोलियों की आवाज़ गूंजने लगी।
“फायर!!”
धड़धड़धड़धड़!!
कबीर तुरंत एक बड़े स्टील लॉकर के पीछे कूद गया।
आरव और एजेंट आर्यन भी कवर में आ गए।
कबीर चिल्लाया —
“ये लोग बहुत ज्यादा हैं!”
आर्यन ने तेजी से अपनी पिस्तौल निकाली।
“और बहुत खतरनाक भी।”
आरव ने सामने झाँक कर देखा।
कम से कम 30 हथियारबंद लोग पूरे वॉल्ट में फैल चुके थे।
स्पीकर से विक्टर की आवाज़ फिर गूंजी।
“आरव… तुम हमेशा की तरह बहादुर हो।”
“लेकिन बहादुरी और बेवकूफी में फर्क बहुत कम होता है।”
आरव ने ठंडे स्वर में कहा —
“तुम अभी भी छुपे हुए हो, विक्टर।”
विक्टर हँसा।
“नेता हमेशा पीछे से खेलता है।”
अचानक…
एक ग्रेनेड आरव की तरफ फेंका गया।
“ग्रेनेड!”
आर्यन चिल्लाया।
आरव ने बिना समय गंवाए उसे उठाकर वापस फेंक दिया।
धड़ाम!!!
जोरदार धमाका हुआ।
तीन सिंडिकेट के लोग हवा में उछल गए।
कबीर चौंक गया।
“तुम सच में पागल हो।”
आरव ने हल्की मुस्कान दी।
“शायद।”
फिर उसने तेजी से दो गोलियाँ चलाईं।
धाँय! धाँय!
दो और दुश्मन गिर गए।
आर्यन ने कहा —
“अगर हम यहाँ ज्यादा देर रुके तो ये हमें घेर लेंगे।”
कबीर ने जल्दी से अपने टैबलेट पर कुछ टाइप किया।
“मुझे दो मिनट दो।”
आरव ने पूछा —
“क्या करने वाले हो?”
कबीर मुस्कुराया।
“पूरा वॉल्ट बंद करने वाला हूँ।”
आर्यन चौंक गया।
“अगर तुमने लॉकडाउन चालू किया… तो हम भी अंदर फँस जाएंगे।”
कबीर ने कहा —
“हाँ… लेकिन सिंडिकेट भी।”
कुछ सेकंड के लिए तीनों चुप हो गए।
फिर आरव ने कहा —
“कर दो।”
कबीर ने तेजी से एंटर दबाया।
अचानक…
पूरे वॉल्ट में सायरन गूंज उठा।
EMERGENCY LOCKDOWN ACTIVATED
भारी स्टील के दरवाजे गिरने लगे।
ब्लैक सिंडिकेट के लोग चिल्लाने लगे।
लेकिन अब बहुत देर हो चुकी थी।
वॉल्ट पूरी तरह सील हो चुका था।
अब अंदर सिर्फ दो टीमें थीं —
आरव, कबीर और एजेंट आर्यन।
और दूसरी तरफ…
ब्लैक सिंडिकेट।
स्पीकर पर विक्टर की आवाज़ फिर आई।
इस बार उसकी आवाज़ गुस्से से भरी थी।
“ठीक है, आरव…”
“अगर तुम्हें युद्ध चाहिए…”
“तो आज रात… युद्ध होगा।”
आरव ने अपनी बंदूक कस कर पकड़ी।
और उसकी आँखों में वही पुरानी खतरनाक चमक लौट आई।
क्योंकि अब…
यह सिर्फ मिशन नहीं था।
यह आखिरी लड़ाई बनने वाली थी।