छुपा हुआ अमीरज़ादा (विरासत की जंग) – A Suspense Thriller Hindi Novel

PART 13: खोई हुई यादें

रात 11:25 बजे।

इंस्पेक्टर अजय मेहरा को एक अनजान कॉल आया।


“संजीव जिंदा है…”


“और पुरानी बंदरगाह के पास गोदाम नंबर 17 में छुपा है।”


कॉल कट।


गोदाम नंबर 17

चारों तरफ अंधेरा।

टूटी खिड़कियाँ।

अंदर हल्की रोशनी।


पुलिस ने चारों तरफ से घेर लिया।


आरमान भी वहाँ था।


उसका दिल तेज़ी से धड़क रहा था।


दरवाज़ा तोड़ा गया।


अंदर…


संजीव कुर्सी पर बैठा था।


जैसे इंतज़ार कर रहा हो।


“तुम लोग देर से आए।”
उसने शांत आवाज में कहा।


“800 करोड़ कहाँ हैं?”

इंस्पेक्टर ने सख्ती से पूछा।


संजीव मुस्कुराया।


“तुम गलत सवाल पूछ रहे हो।”


“सही सवाल ये है— ये सब किसके इशारे पर हुआ?”


आरमान आगे बढ़ा।


“मेरे नाम से कंपनी किसने बनाई?”


संजीव ने उसकी आँखों में देखा।


“तुमने।”


कमरे में सन्नाटा छा गया।


“झूठ!”


संजीव हँसा।


“एक साल पहले… स्विट्जरलैंड में।”


“तुमने खुद डॉक्युमेंट साइन किए थे।”


आरमान के दिमाग में चमक सी हुई।


FLASHBACK


तेज बारिश।

कार एक्सीडेंट।

खून।


फिर…


एक होटल रूम।

सूट पहने दो आदमी।


“साइन कर दो… ये सिर्फ एक इन्वेस्टमेंट है।”


और उसने साइन कर दिया था।


वापस वर्तमान में


“तुम्हारा एक्सीडेंट accident नहीं था।”

संजीव ने कहा।


“वो प्लान था।”


“ताकि तुम्हें डराया जाए… और कंट्रोल किया जाए।”


“तुम्हारे साइन के बाद AR Holdings एक्टिव हुई।”


“600 करोड़ वहीं ट्रांसफर हुए।”


आरमान का सिर घूमने लगा।


“लेकिन किसने?”


संजीव ने धीरे से कहा—


“विक्रम।”

कमरे में हलचल मच गई।


“वो चाहता था कि सब कुछ तुम्हारे सिर पर जाए।”


“राजवीर की मौत… कंपनी का नुकसान… सब।”


इंस्पेक्टर ने पूछा—


“और तुम?”


संजीव की आँखें झुक गईं।


“मुझे पैसे दिए गए थे।”


“200 करोड़।”


“लेकिन मैं असली मास्टरमाइंड नहीं हूँ।”


तभी…

गोदाम के पीछे गोली चली।


धाँय!


लाइट्स बुझ गईं।


अंधेरा।


चीख।


जब लाइट वापस आई—


संजीव जमीन पर गिरा था।


सीने में गोली।


उसके आखिरी शब्द—


“वो… अकेला नहीं है…”


और उसकी सांस रुक गई।


बाहर

एक काली SUV तेज़ी से निकल गई।


आरमान दौड़ा।


लेकिन बहुत देर हो चुकी थी।


अब सवाल और गहरा हो गया है।

  • क्या विक्रम सच में मास्टरमाइंड है?
  • या वो भी किसी और के हाथ का मोहरा है?
  • AR Holdings के पीछे असली दिमाग कौन है?
  • और संजीव को किसने चुप कराया?

PART 14 में:

विक्रम का अतीत खुलेगा।
राजवीर की एक पुरानी डायरी मिलेगी।
और एक ऐसा नाम सामने आएगा… जो अभी तक कहानी में था ही नहीं।

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