अधूरी मोहब्बत से पूरी जिंदगी तक – एक सच्ची प्रेम कहानी (New Hindi Love Story Novel 2026)

📖 Chapter 6

पाँच साल बाद — कुछ लोग चले जाते हैं, लेकिन उनका एहसास कभी नहीं जाता

समय…

सब कुछ बदल देता है।

लोग बदल जाते हैं।

शहर बदल जाते हैं।

जिंदगी बदल जाती है।

लेकिन…

कुछ एहसास कभी नहीं बदलते।


पाँच साल बीत चुके थे।

अब आरव वो पुराना, शांत, कमजोर लड़का नहीं था।

वो अब एक successful photographer था।

उसकी photos magazines में छपती थीं।

Exhibitions में लोग उसकी तस्वीरों के सामने रुक जाते थे।

क्योंकि उसकी तस्वीरों में…

सिर्फ images नहीं…

emotions होते थे।

दर्द होता था।

और वो दर्द…

उसका अपना था।


दिल्ली।

अब यही उसका शहर था।

नई जगह।

नई जिंदगी।

नए लोग।

लेकिन…

दिल वही था।

और उसमें…

अब भी काव्या थी।


आरव ने कभी शादी नहीं की।

कभी कोशिश भी नहीं की।

क्योंकि वो जानता था…

कुछ जगहें जिंदगी में कभी भरती नहीं।

और काव्या…

उसकी जिंदगी की वही जगह थी।


एक दिन…

उसे एक email मिला।

Subject था:

“Invitation as Chief Guest – Photography Exhibition, Bhopal”

भोपाल…

उस शहर का नाम पढ़ते ही…

उसका दिल तेज धड़कने लगा।

यही वो शहर था…

जहाँ उसने काव्या को पाया था।

और खो दिया था।


वो कई मिनट तक screen को देखता रहा।

उसके दिमाग में memories flash होने लगीं।

वो café…

वो bus stop…

वो hill…

और…

वो last goodbye।


विवान, जो अब भी उसका best friend था, उसके पास बैठा था।

“तू जाएगा?” विवान ने पूछा।

आरव चुप रहा।

“भागता रहेगा क्या?” विवान ने कहा।

“पाँच साल हो गए, आरव।”

“तुझे अपने past का सामना करना होगा।”


आरव ने गहरी साँस ली।

शायद…

समय आ गया था।


तीन दिन बाद…

आरव भोपाल में था।

वही शहर।

वही हवा।

लेकिन…

वो अब पहले जैसा नहीं रहा था।

या शायद…

वो खुद पहले जैसा नहीं रहा था।


Exhibition hall बहुत बड़ा था।

लोग उसकी photos देख रहे थे।

उससे मिल रहे थे।

उसकी तारीफ कर रहे थे।

लेकिन…

उसका ध्यान कहीं और था।

उसका दिल…

अजीब तरह से बेचैन था।

जैसे कुछ होने वाला हो।


Exhibition खत्म होने वाली थी।

आरव exit की तरफ जा रहा था।

तभी…

उसने उसे देखा।

उसकी साँस रुक गई।

उसका दिल रुक गया।

समय रुक गया।


वो काव्या थी।

वही आँखें।

वही चेहरा।

लेकिन…

कुछ अलग था।

उसकी आँखों में अब वो चमक नहीं थी।

उसकी मुस्कान गायब थी।

और…

उसके साथ एक छोटी सी लड़की थी।

लगभग 4 साल की।

वो उसका हाथ पकड़े हुए थी।


आरव का दिल टूट गया।

फिर से।

शायद…

वो उसकी बेटी थी।

मतलब…

काव्या अब किसी और की जिंदगी थी।

पूरी तरह।


काव्या ने भी उसे देख लिया।

दोनों की आँखें मिलीं।

पाँच साल बाद।

हजारों emotions…

एक ही पल में वापस आ गए।

दोनों चुप थे।

दोनों frozen थे।


छोटी लड़की ने काव्या से पूछा,

“मम्मा… ये कौन है?”

मम्मा।

ये शब्द…

आरव के दिल में गूंजा।

जैसे किसी ने उसकी आखिरी उम्मीद भी छीन ली हो।


काव्या कुछ सेकंड तक कुछ नहीं बोली।

फिर उसने धीरे से कहा…

“ये…”

उसकी आवाज़ काँप रही थी।

“ये…”

और फिर…

उसने कहा,

“ये एक पुराने दोस्त हैं।”

दोस्त।

बस एक दोस्त।


आरव मुस्कुराया।

लेकिन उसकी आँखों में आँसू थे।

“Hi, Kavya…”

काव्या ने धीरे से कहा,

“Hi, Aarav…”

पाँच साल बाद…

उनकी कहानी फिर से शुरू हो रही थी।

या शायद…

खत्म होने वाली थी।


Chapter 6 समाप्त

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