अधूरी मोहब्बत से पूरी जिंदगी तक – एक सच्ची प्रेम कहानी (New Hindi Love Story Novel 2026)

📖 Chapter 5

जुदाई — जब प्यार ज़िंदा होता है, लेकिन साथ मर जाता है

कुछ अलविदा…

सिर्फ शब्द नहीं होते।

वो एक पूरी दुनिया का अंत होते हैं।

और आज…

आरव की दुनिया खत्म हो रही थी।


Café के उस कोने में…

जहाँ कभी हँसी गूँजती थी…

आज खामोशी थी।

भारी।

दम घोंटने वाली खामोशी।

आरव और काव्या एक-दूसरे के सामने बैठे थे।

लेकिन आज…

वो अजनबी लग रहे थे।


“तुमने मुझे पहले क्यों नहीं बताया?”
आरव ने टूटे हुए स्वर में पूछा।

काव्या की आँखों से आँसू बह रहे थे।

“मैं बताना चाहती थी…”

“लेकिन मैं डर गई थी…”

“मैं तुम्हें खोना नहीं चाहती थी…”

आरव हँस पड़ा।

लेकिन वो हँसी…

दर्द से भरी थी।

“और अब?”

काव्या चुप रही।

क्योंकि अब…

वो उसे खो चुकी थी।


“क्या तुम खुश हो?”
आरव ने पूछा।

ये सवाल आसान था।

लेकिन जवाब…

सबसे मुश्किल।

काव्या ने धीरे से सिर हिला दिया।

“नहीं…”

उसकी आवाज़ barely सुनाई दे रही थी।

“लेकिन मेरे पास choice नहीं है।”


आरव ने उसकी आँखों में देखा।

“और हमारा प्यार?”

काव्या अब खुद को रोक नहीं पाई।

वो रो पड़ी।

“वो हमेशा रहेगा…”

“मेरे दिल में…”

“मेरी हर साँस में…”

“लेकिन मेरी जिंदगी में नहीं…”


ये सुनकर…

आरव पूरी तरह टूट गया।

उसने पहली बार महसूस किया…

कि दिल टूटने की आवाज़ सच में होती है।

और वो आवाज़…

सिर्फ वही सुन सकता है…

जिसका दिल टूटा हो।


कुछ देर बाद…

काव्या ने धीरे से कहा,

“ये हमारी last meeting होनी चाहिए।”

ये शब्द…

एक सज़ा थे।

एक ऐसी सज़ा…

जो दोनों को मिल रही थी।

बिना किसी गलती के।


वो दोनों café से बाहर आए।

वही सड़क।

वही हवा।

वही शहर।

लेकिन सब कुछ बदल चुका था।


“क्या हम फिर कभी मिलेंगे?”
आरव ने पूछा।

काव्या ने उसकी तरफ देखा।

उसकी आँखों में हजारों emotions थे।

प्यार।

दर्द।

मजबूरी।

और हार।

“शायद नहीं…”


ये सुनकर…

आरव की आँखों से आँसू बहने लगे।

वो रोना नहीं चाहता था।

लेकिन आज…

वो खुद को रोक नहीं पा रहा था।


काव्या उसके पास आई।

उसने धीरे से उसका चेहरा अपने हाथों में लिया।

“तुम बहुत अच्छे इंसान हो, आरव…”

“तुम deserve करते हो… किसी ऐसे को…”

“जो हमेशा तुम्हारे साथ रहे…”

आरव ने धीरे से कहा,

“मैं किसी और को नहीं चाहता…”


काव्या फिर रो पड़ी।

उसने उसे आखिरी बार गले लगाया।

वो hug…

पहले वाले hugs जैसा नहीं था।

इसमें warmth नहीं थी।

इसमें fear था।

उसे खो देने का fear।

हमेशा के लिए।


दोनों एक-दूसरे को कसकर पकड़कर रो रहे थे।

जैसे वो समय को रोकना चाहते हों।

लेकिन समय…

कभी नहीं रुकता।


कुछ देर बाद…

काव्या ने खुद को अलग किया।

उसने आखिरी बार उसकी आँखों में देखा।

और धीरे से कहा…

“Goodbye, Aarav…”

आरव कुछ नहीं बोला।

क्योंकि…

कुछ बचा ही नहीं था कहने के लिए।


काव्या मुड़ी।

और चलने लगी।

आरव उसे जाता हुआ देखता रहा।

हर कदम के साथ…

वो उससे दूर जा रही थी।

हर कदम के साथ…

उसका दिल टूट रहा था।


और फिर…

वो भीड़ में खो गई।

हमेशा के लिए।


उस रात…

आरव ने पहली बार खुद को पूरी तरह अकेला महसूस किया।

उसके पास सब कुछ था…

लेकिन काव्या नहीं थी।

और अब…

कुछ भी मायने नहीं रखता था।


लेकिन…

कहानी यहाँ खत्म नहीं हुई थी।

क्योंकि किस्मत…

अभी अपना सबसे बड़ा खेल खेलने वाली थी।


Chapter 5 समाप्त

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top