📖 Chapter 10
पूरी मोहब्बत — कुछ प्यार देर से मिलते हैं, लेकिन हमेशा के लिए मिलते हैं
रिया उस दिन आरव की गोद में ही सो गई थी।
उसके छोटे-छोटे हाथ…
अब भी उसकी shirt को पकड़े हुए थे।
जैसे वो डर रही हो…
कि अगर उसने छोड़ा…
तो वो फिर से गायब हो जाएगा।
आरव उसे देखता रहा।
उसकी साँसें।
उसका चेहरा।
उसकी मासूमियत।
और उसके दिल में सिर्फ एक ही ख्याल था—
“मैंने पाँच साल खो दिए…”
लेकिन अब…
वो और कुछ नहीं खोना चाहता था।
काव्या balcony में खड़ी थी।
रात हो चुकी थी।
चाँद आसमान में था।
और उसकी आँखों में…
शांति थी।
शायद…
पाँच साल में पहली बार।
आरव धीरे से उसके पास आया।
कुछ seconds तक…
दोनों चुप रहे।
जैसे वो उस खामोशी को महसूस करना चाहते हों…
जिसमें अब दर्द नहीं था।
“Thank you…”
आरव ने धीरे से कहा।
काव्या ने उसकी तरफ देखा।
“किस लिए?”
“रिया के लिए…”
उसकी आवाज़ में सच्चाई थी।
“उसे इस दुनिया में लाने के लिए…”
काव्या की आँखों में आँसू आ गए।
“मैंने कई बार सोचा… तुम्हें सब बता दूँ…”
“लेकिन मैं डर गई…”
आरव ने धीरे से कहा,
“अब और मत डरो…”
“मैं कहीं नहीं जा रहा…”
काव्या ने उसकी आँखों में देखा।
“सच?”
आरव मुस्कुराया।
“अब मेरे पास जाने की कोई वजह नहीं है…”
“क्योंकि मेरी पूरी दुनिया…”
उसने अंदर सोती हुई रिया की तरफ देखा…
“यहीं है।”
काव्या रो पड़ी।
पाँच साल का दर्द…
अब बाहर आ रहा था।
“मैंने तुम्हें बहुत hurt किया…”
आरव ने धीरे से उसका हाथ पकड़ा।
“हम दोनों ने hurt सहा है…”
“लेकिन अब…”
“हम heal कर सकते हैं…”
कुछ seconds तक…
दोनों बस एक-दूसरे को देखते रहे।
वो प्यार…
जो पाँच साल पहले अधूरा रह गया था…
आज भी वहीं था।
सच्चा।
जिंदा।
और इंतज़ार करता हुआ।
“क्या तुम…”
आरव ने धीरे से कहा।
उसकी आवाज़ में nervousness थी।
उम्मीद थी।
और प्यार था।
“क्या तुम… मुझे एक और chance दोगी?”
काव्या की साँस रुक गई।
उसकी आँखों में आँसू आ गए।
“आरव…”
“मैं तुमसे आज भी प्यार करता हूँ।”
“और शायद…”
“हमेशा करता रहूँगा।”
काव्या अब खुद को रोक नहीं पाई।
उसने उसे कसकर गले लगा लिया।
“मैंने कभी तुमसे प्यार करना बंद ही नहीं किया…”
उस रात…
दो अधूरे लोग…
फिर से पूरे हो गए।
🌅 One Year Later
सूरज की रोशनी खिड़की से अंदर आ रही थी।
घर में हँसी की आवाज़ गूँज रही थी।
रिया भागते हुए आई।
“पापा! जल्दी आओ!”
आरव हँसते हुए उसके पीछे गया।
“क्या हुआ, princess?”
रिया ने कहा,
“मम्मा बुला रही हैं!”
काव्या वहाँ खड़ी थी।
उसकी माँग में सिंदूर था।
उसकी आँखों में वही चमक…
जो पाँच साल पहले थी।
लेकिन इस बार…
उसमें डर नहीं था।
सिर्फ प्यार था।
आरव उसके पास गया।
“हाँ, Mrs. Aarav?”
काव्या मुस्कुराई।
“बस… ऐसे ही…”
रिया बीच में कूद पड़ी।
“Group hug!”
तीनों एक-दूसरे को गले लगा लिए।
ये सिर्फ एक hug नहीं था।
ये…
एक broken family का complete होना था।
आरव ने काव्या की आँखों में देखा।
“हमारी story…”
काव्या मुस्कुराई।
“अधूरी नहीं थी…”
आरव ने धीरे से कहा,
“बस… थोड़ा late थी।”
और इस तरह…
एक अधूरी मोहब्बत…
पूरी जिंदगी बन गई।