
अध्याय 13 – अंतिम रहस्य
डॉकयार्ड की ठंडी हवा अचानक और भारी महसूस होने लगी थी।
कबीर सिंघानिया धीरे-धीरे आरव और घायल कबीर की तरफ बढ़ रहा था।
उसके हाथ में पकड़ी बंदूक सीधे आरव के सीने पर तनी हुई थी।
चारों तरफ गोलियों की आवाज़ अब धीमी पड़ने लगी थी,
लेकिन इस छोटे से कोने में मौत की खामोशी फैल चुकी थी।
कबीर सिंघानिया ठंडी मुस्कान के साथ बोला —
“मुझे हमेशा से पता था कि यह लड़का बहुत दूर तक पहुँच जाएगा।”
उसने आरव की आँखों में देखते हुए कहा —
“तुम बिल्कुल अपने पिता जैसे हो… जिद्दी और खतरनाक।”
आरव खड़ा हो गया।
उसकी आँखों में डर नहीं था।
सिर्फ गुस्सा था।
“मेरे पिता ने तुम्हारा क्या बिगाड़ा था?”
कबीर सिंघानिया हल्का सा हँसा।
“उन्होंने गलती की थी।”
“उन्होंने सच जान लिया था।”
आरव ने एक कदम आगे बढ़ाया।
“कौन सा सच?”
कबीर सिंघानिया ने जवाब देने से पहले एक पल के लिए आसमान की तरफ देखा।
फिर धीमी आवाज़ में बोला —
“इस शहर की असली सरकार कौन चलाता है।”
“राजनीति… पुलिस… बिज़नेस… सब मेरे इशारे पर चलता है।”
“और तुम्हारे पिता उस खेल को खत्म करना चाहते थे।”
आरव की साँस भारी हो गई।
“इसलिए तुमने उन्हें मरवा दिया।”
कबीर सिंघानिया ने बिना झिझक सिर हिलाया।
“हाँ।”
“लेकिन उन्होंने मरने से पहले एक चाल चल दी।”
आरव की आँखें सिकुड़ गईं।
“कौन सी चाल?”
कबीर सिंघानिया मुस्कुराया।
“वही फाइल…”
“जिसे तुम ढूँढ रहे हो।”
अचानक जमीन पर पड़ा घायल कबीर हिलने लगा।
उसने मुश्किल से सिर उठाया और बोला —
“आरव… उसकी बातों में मत आना…”
कबीर सिंघानिया की नजर तुरंत उसकी तरफ गई।
उसकी आँखों में गुस्सा चमक उठा।
“तुमने मुझे बहुत निराश किया है।”
उसने बंदूक उठाई और कबीर की तरफ तान दी।
आरव तुरंत चिल्लाया —
“नहीं!”
लेकिन ट्रिगर दब चुका था।
धाँय!
गोली की आवाज़ गूंजी।
कबीर का शरीर झटका खाकर जमीन पर गिर गया।
उसकी आँखें धीरे-धीरे बंद हो गईं।
आरव की मुट्ठियाँ गुस्से से काँपने लगीं।
उसकी आँखों में आँसू और आग दोनों थे।
कबीर सिंघानिया ठंडी आवाज़ में बोला —
“अब यहाँ सिर्फ तुम और मैं हैं।”
आरव धीरे-धीरे उसकी तरफ बढ़ने लगा।
“तुम सोचते हो कि तुम जीत गए?”
कबीर सिंघानिया मुस्कुराया।
“मैं हमेशा जीतता हूँ।”
उसी समय दूर से तेज कदमों की आवाज़ आने लगी।
पुलिस की टॉर्च की रोशनी डॉकयार्ड में फैलने लगी।
कबीर सिंघानिया ने जल्दी से पीछे हटते हुए कहा —
“हम फिर मिलेंगे, आरव।”
फिर वह धुएँ और अंधेरे में गायब हो गया।
आरव वहीं खड़ा रह गया।
उसकी नजर जमीन पर पड़े अपने दोस्त के शरीर पर थी।
लेकिन उसके दिमाग में सिर्फ एक ही बात गूंज रही थी —
फाइल।
वही फाइल जिसमें इस शहर के सबसे बड़े रहस्य छुपे थे।
और अब…
वह फाइल ढूँढना ही आरव की जिंदगी का सबसे बड़ा मिशन बनने वाला था।
क्योंकि अगली लड़ाई सिर्फ बदले की नहीं होगी…
बल्कि पूरे सिस्टम के खिलाफ होगी। 📖🔥