अधूरी मोहब्बत का आख़िरी ख़त

PART 7: सबसे बड़ा धोखा

कमरे का दरवाज़ा अपने आप बंद हो चुका था।

धड़ाम!

उस आवाज़ ने पूरे कमरे की खामोशी को तोड़ दिया।

आरव का दिल इतनी तेज़ धड़क रहा था कि उसे लग रहा था जैसे उसका सीना फट जाएगा।

उसके हाथ में अभी भी सिया की diary थी।

और उसी diary के last page पर लिखा था—

“वो आदमी… तुम्हारे बहुत करीब है…”

और फिर…

पीछे से आई वो आवाज़—

“तुम्हें ये diary नहीं पढ़नी चाहिए थी…”

आरव ने धीरे-धीरे पीछे मुड़कर देखा।

उसकी आँखें फैल गईं।

“त… तुम?”

उसके सामने जो खड़ा था…

वो कोई और नहीं…

रोहन था।

रोहन… उसका सबसे अच्छा दोस्त।

वो दोस्त जो पिछले 10 सालों से उसके साथ था।

वो दोस्त जिसने हर मुश्किल में उसका साथ दिया था।

वो दोस्त…

जिस पर उसने कभी शक नहीं किया।


“रोहन… तुम यहाँ क्या कर रहे हो?” आरव की आवाज़ काँप रही थी।

रोहन धीरे-धीरे उसकी तरफ बढ़ा।

उसके चेहरे पर कोई emotion नहीं था।

सिर्फ एक ठंडी मुस्कान।

“मैं तुम्हें रोकने आया हूँ।”

आरव का दिल जोर से धड़कने लगा।

“रोकने? किससे?”

रोहन की नजर diary पर गई।

“सच से।”


आरव के हाथ काँपने लगे।

“तुम… क्या कह रहे हो?”

रोहन कुछ सेकंड तक चुप रहा।

फिर उसने कहा—

“तुम्हें ये diary नहीं पढ़नी चाहिए थी, आरव।”

“कुछ सच्चाइयाँ… कभी सामने नहीं आनी चाहिए।”

आरव की आँखों में गुस्सा भर गया।

“सिया को किसने मारा?”

रोहन चुप रहा।

“बोलो!”

रोहन ने उसकी आँखों में देखा।

और धीरे से कहा—

“मैंने।”


आरव की दुनिया रुक गई।

उसके कानों में सिर्फ एक शब्द गूंज रहा था—

मैंने।

“नहीं…”

उसकी आवाज़ टूट गई।

“ये झूठ है…”

रोहन हँस पड़ा।

“काश ये झूठ होता…”


आरव का पूरा शरीर काँप रहा था।

“क्यों…?”

उसकी आँखों से आँसू बहने लगे।

“तुमने ऐसा क्यों किया?”

रोहन की आँखों में अचानक गुस्सा भर गया।

“क्योंकि मैं उससे प्यार करता था!”

उसकी आवाज़ गूंज उठी।

“मैं उससे सालों से प्यार करता था!”

“लेकिन उसने कभी मुझे नहीं देखा…”

“उसने हमेशा तुम्हें देखा…”

आरव shock में था।

“और जब मुझे पता चला कि वो तुमसे प्यार करने लगी है…”

रोहन की आँखों में पागलपन था।

“मैंने उसे खत्म कर दिया।”


आरव का दिल टूट चुका था।

उसका सबसे अच्छा दोस्त…

एक killer था।

“तुमने… मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी…”

रोहन मुस्कुराया।

“नहीं, आरव…”

“मैंने तुम्हें बचाया है।”

“क्योंकि अब…”

वो धीरे-धीरे उसके करीब आया।

“तुम भी सच जान चुके हो…”


तभी—

अचानक…

कमरे की lights flicker करने लगीं।

हवा ठंडी हो गई।

और…

सिया की आवाज़ गूंज उठी—

“रोहन…”

रोहन freeze हो गया।

उसकी आँखों में डर साफ दिख रहा था।

“न… नहीं…”

कमरे के कोने में…

धीरे-धीरे…

सिया की आत्मा दिखाई देने लगी।

उसकी आँखें अब लाल थीं।

उसके चेहरे पर गुस्सा था।

“तुमने मुझे मारा…”

उसकी आवाज़ पूरे कमरे में गूंज रही थी।

रोहन पीछे हटने लगा।

“ये possible नहीं है…”

“तुम मर चुकी हो!”

सिया की आवाज़ और ठंडी हो गई—

“हाँ…”

“लेकिन तुम अभी ज़िंदा हो…”


अचानक—

रोहन का शरीर हवा में उठ गया।

वो चिल्लाने लगा—

“नहीं! प्लीज़ मुझे छोड़ दो!”

आरव shock में ये सब देख रहा था।

सिया की नजर अब भी रोहन पर थी।

“तुमने मेरी जिंदगी छीनी…”

“अब… तुम्हारी बारी है…”

रोहन जोर-जोर से चिल्लाने लगा।

“आरव! मुझे बचाओ!”

आरव freeze हो गया।

उसका दिल और दिमाग दोनों टूट चुके थे।

एक तरफ उसका best friend…

दूसरी तरफ उसकी मोहब्बत।


और तभी—

सिया की नजर अचानक आरव पर गई।

उसकी आँखों का गुस्सा धीरे-धीरे कम होने लगा।

उसमें फिर से वही प्यार दिखने लगा।

उसने धीरे से कहा—

“अब आखिरी सच्चाई जानने का समय आ गया है…”

आरव confused हो गया।

“कौन सी सच्चाई?”

सिया ने धीरे से कहा—

“मेरी मौत की सच्चाई… पूरी नहीं है…”


अचानक—

कमरे में सब कुछ अंधेरा हो गया।

और आरव ने अपने सामने…

अपनी ही जिंदगी का सबसे बड़ा सच देखना शुरू किया।

एक सच…

जो उसकी पूरी दुनिया को हमेशा के लिए तोड़ने वाला था।


PART 7 END

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